मैसूरु जिले की सभी 255 ग्राम पंचायतों में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' को मजबूत करने के लिए जॉब कार्ड मेले का शुभारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार सुरक्षा प्रदान करना और शहरी पलायन को रोकना है।

  • मैसूरु जिले की सभी 255 ग्राम पंचायतों में अभियान शुरू।
  • VB-G RAM G योजना के तहत 125 दिनों के रोजगार की गारंटी।
  • दिव्यांगों और लैंगिक अल्पसंख्यकों के लिए विशेष जॉब कार्ड का प्रावधान।
  • प्रतिदिन ₹382 की मजदूरी का लक्ष्य।

मैसूरु, कर्नाटक: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से, मैसूरु जिला पंचायत ने जिले की सभी 255 ग्राम पंचायतों में एक व्यापक 'जॉब कार्ड मेला' शुरू किया है। यह अभियान विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) को सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो ग्रामीण परिवारों के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को योजना के लाभों के बारे में जागरूक करना है। यह केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, सूखा प्रबंधन और सतत आजीविका के अवसरों को प्राथमिकता दी गई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की जमीनी स्तर की पहल ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाले बड़े पैमाने पर पलायन को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। जब स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं, तो यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देता है, बल्कि सामाजिक स्थिरता भी सुनिश्चित करता है।

इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य प्रत्येक परिवार को जॉब कार्ड के माध्यम से 125 दिनों के रोजगार और ₹382 प्रतिदिन की मजदूरी सुनिश्चित करना है।

अभियान के दौरान, अधिकारी सीधे घर-घर जाकर रोजगार की मांग दर्ज करेंगे। जो पात्र और कमजोर परिवार अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें मौके पर ही रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे। विशेष रूप से, दिव्यांग व्यक्तियों और लैंगिक अल्पसंख्यकों के लिए अलग से जॉब कार्ड जारी करने का प्रावधान किया गया है, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

मैसूरु जिला पंचायत के सीईओ एस. युकेश कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से यह मेला आयोजित किया जा रहा है। वहीं, उप सचिव (विकास) भीमप्पा के. लाली ने जोर देकर कहा कि इस पहल का उद्देश्य 'समान काम के लिए समान वेतन' के सिद्धांत को लागू करना है।

Did You Know?: भारत में मनरेगा और इसी तरह की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे जल निकायों और सड़कों के निर्माण के साथ-साथ रोजगार सृजन करना है।

Frequently Asked Questions

1. जॉब कार्ड मेले का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य VB-G RAM G योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार सुरक्षा प्रदान करना और उनके पंजीकरण को सुनिश्चित करना है।

2. इस योजना के तहत कितनी मजदूरी मिलती है?
पात्र लाभार्थियों को ₹382 प्रति दिन की दर से मजदूरी दी जाएगी।