महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने मराठी भाषा दक्षता परीक्षण शुरू कर दिया है, जिसके पहले दिन ही 1,268 ड्राइवरों को नोटिस थमा दिए गए। यदि ड्राइवर एक महीने में भाषा नहीं सीख पाए, तो उनका बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

  • महाराष्ट्र में 8,217 ड्राइवरों का भाषा परीक्षण किया गया।
  • कुल 1,268 ड्राइवरों को मराठी न बोल पाने के कारण नोटिस दिए गए।
  • मुंबई क्षेत्र में 604 ड्राइवरों को नोटिस प्राप्त हुए।
  • भाषा न सीख पाने पर 3 महीने के लिए बैज निलंबित हो सकता है।

मुंबई: महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता को लागू करने हेतु कड़ा रुख अपना लिया है। गुरुवार को शुरू हुए इस अभियान के पहले ही दिन, उड़ने वाली उड़ानों (flying squads) ने पूरे महाराष्ट्र में 8,217 ड्राइवरों का परीक्षण किया। इस दौरान 1,268 ड्राइवरों को मराठी भाषा में बुनियादी संवाद न कर पाने के कारण आधिकारिक नोटिस जारी किए गए।

मुंबई में व्यापक कार्रवाई

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में स्थिति काफी गंभीर दिखी, जहाँ परीक्षण किए गए 3,995 ड्राइवरों में से 604 को नोटिस दिए गए। आरटीओ (RTO) अधिकारियों ने दादर के स्वामी नारायण मंदिर जैसे व्यस्त इलाकों में ड्राइवरों को रोककर उनसे गंतव्य, किराया, यात्रा का समय और यूपीआई भुगतान जैसे सामान्य सवाल मराठी में पूछे।

क्या है सरकार का उद्देश्य?

आरटीओ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह परीक्षण भाषा में धाराप्रवाह होने के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों के साथ बुनियादी संवाद करने की क्षमता जांचने के लिए है। अधिकारियों के अनुसार, एक ड्राइवर को कम से कम इतना तो पता होना चाहिए कि वह यात्री के निर्देशों को समझ सके और जवाब दे सके।

यह परीक्षण केवल भाषाई दक्षता के बारे में नहीं है, बल्कि यात्री और चालक के बीच संवाद की बाधा को दूर करने का एक प्रयास है।

ड्राइवरों की प्रतिक्रिया और चुनौतियां

अभियान के दौरान कई ड्राइवरों ने अपनी परेशानी साझा की। टैक्सी चालक अरविंद मौर्य, जिन्होंने पहले ही कक्षाएं ली थीं, ने बताया कि वे सीखने के बावजूद बोलने में आत्मविश्वास महसूस नहीं कर रहे हैं। वहीं, कुछ ड्राइवरों ने व्यस्त कार्यसूची का हवाला दिया, जबकि कुछ ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नियम

सरकार ने इससे पहले 1 मई से 59 आरटीओ केंद्रों पर 105 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया था। मुंबई में लगभग 1.25 लाख ड्राइवरों ने इस कार्यक्रम को पूरा किया, लेकिन 7,750 ड्राइवर मूल्यांकन में विफल रहे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह कदम न केवल भाषाई पहचान को मजबूत करने का प्रयास है, बल्कि यह सार्वजनिक परिवहन में स्थानीय संस्कृति के एकीकरण को भी सुनिश्चित करता है। हालांकि, इससे ड्राइवरों की आजीविका पर संकट का खतरा भी मंडरा रहा है।

Did You Know?: महाराष्ट्र सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 4,500 से अधिक शिक्षकों की मदद ली है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि ड्राइवर मराठी नहीं सीख पाता है तो क्या होगा?
उत्तर: एक महीने के भीतर भाषा न सीख पाने पर ड्राइवर का बैज 3 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

प्रश्न 2: यह अभियान कब तक चलेगा?
उत्तर: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, यह जांच अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा।