कर्नाटक सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राज्य में गैर-डेयरी या एनालॉग पनीर की बिक्री और निर्माण पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला खाद्य सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
- कर्नाटक में गैर-डेयरी या एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर 17 अगस्त 2027 तक प्रतिबंध।
- यह प्रतिबंध केवल उन उत्पादों पर लागू है जिन्हें 'पनीर' के नाम से बेचा जा रहा है।
- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
- फ्रोजन डेजर्ट और प्रोसेस्ड चीज़ जैसे मानक उत्पादों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में गैर-डेयरी या 'एनालॉग' पनीर के निर्माण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, वितरण, परिवहन और खुदरा बिक्री पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह प्रतिबंध अगले साल 17 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।
यह आदेश खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत लागू किया गया है। नियमों के अनुसार, पनीर एक मानकीकृत खाद्य उत्पाद है जिसे केवल दूध से तैयार किया जाना चाहिए। इसमें दूध की वसा (Milk Fat) एक मुख्य घटक है, और इसकी जगह वनस्पति तेल या अन्य गैर-डेयरी सामग्रियों का उपयोग करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम खाद्य मिलावट के खिलाफ एक महत्वपूर्ण युद्ध है। हालांकि विभाग ने कहा है कि परीक्षणों में अभी तक पनीर में मिलावट के प्रत्यक्ष मामले नहीं मिले हैं, लेकिन 'एनालॉग' उत्पादों के बढ़ते चलन को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में यह एहतियाती कदम उठाया गया है। एनालॉग पनीर वह उत्पाद है जिसमें दूध की वसा या ठोस पदार्थों को आंशिक या पूर्ण रूप से वनस्पति तेल या अन्य गैर-डेयरी घटकों से बदल दिया जाता है।
खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि करोड़ों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रतिबंध केवल उन उत्पादों पर लागू होता है जिनके लिए FSSAI द्वारा विशिष्ट गुणवत्ता मानक निर्धारित नहीं किए गए हैं। इसका अर्थ है कि फ्रोजन डेजर्ट (Frozen Dessert), प्रोसेस्ड चीज़ (Processed Cheese) और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे उत्पाद, जो पहले से ही अलग मानकों के तहत आते हैं, इस प्रतिबंध से बाहर रहेंगे।
कर्नाटक अब उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने पिछले महीने में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्य पहले से ही शामिल हैं। यह दर्शाता है कि देश भर में नकली डेयरी उत्पादों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चल रहा है।
Frequently Asked Questions
1. क्या सभी प्रकार के पनीर पर प्रतिबंध है?
नहीं, यह केवल गैर-डेयरी या एनालॉग पनीर पर लागू है। शुद्ध दूध से बना पनीर बेचना जारी रहेगा।
2. यह प्रतिबंध कब तक लागू रहेगा?
यह प्रतिबंध 17 अगस्त 2027 तक प्रभावी रहेगा।