भाजपा सांसद मनोज तिवारी के बड़े भाई साधु शरण तिवारी का दिल्ली एम्स में निधन हो गया। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर भावुक माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
- भाजपा सांसद मनोज तिवारी के बड़े भाई साधु शरण तिवारी का निधन।
- दिल्ली एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली, वाराणसी में हुआ अंतिम संस्कार।
- साधु शरण तिवारी ओएनजीसी (ONGC) से महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त थे।
- IIT-BHU के पूर्व छात्र और परिवार के मार्गदर्शक थे।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद और प्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज तिवारी के लिए आज का दिन अत्यंत दुःखद रहा। उनके बड़े भाई, साधु शरण तिवारी, का शनिवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया। साधु शरण तिवारी परिवार के सबसे बड़े सदस्य और सभी भाई-बहनों के मार्गदर्शक थे।
साधु शरण तिवारी का जीवन संघर्ष और सफलता की एक मिसाल रहा। उन्होंने प्रतिष्ठित IIT-BHU से इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद, उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ONGC (तेल और प्राकृतिक गैस निगम) में एक शानदार करियर बनाया और अंततः महाप्रबंधक (GM) के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोलकाता, असम के नाजीरा-शिवसागर और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं दीं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the loss of a family patriarch often impacts the public persona of political figures. For Manoj Tiwari, who has always projected a strong family-oriented image, the passing of his elder brother, who was his primary mentor in the music industry, marks a significant personal and professional void. The funeral at the sacred Manikarnika Ghat in Varanasi underscores the deep cultural and spiritual roots of the family.
"साधु भैया मेरे लिए ईश्वर के समान थे, उन्होंने ही मुझे संगीत की दुनिया में कदम रखने का साहस दिया।" - मनोज तिवारी
मनोज तिवारी ने अपनी भावुक प्रतिक्रिया में बताया कि उनके बड़े भाई न केवल उनके परिवार के अभिभावक थे, बल्कि उनके गायन करियर के सबसे बड़े समर्थक भी थे। उन्होंने अपनी अंतिम मुलाकात को याद करते हुए बताया कि साधु शरण तिवारी ने उन्हें एक कविता सुनाई थी, जो अब उनकी सबसे अनमोल स्मृति बन गई है।
रविवार शाम को वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सांसद मनोज तिवारी स्वयं अंतिम यात्रा में पैदल चले, जो उनके अपने भाई के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान को दर्शाता है। इस दुख की घड़ी में पूरा परिवार और राजनीतिक जगत शोक संतप्त है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: साधु शरण तिवारी का निधन कहाँ हुआ था?
उत्तर: उनका निधन नई दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में हुआ था।
प्रश्न 2: साधु शरण तिवारी का पेशेवर करियर क्या था?
उत्तर: वे ONGC में महाप्रबंधक (GM) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और IIT-BHU से इंजीनियर थे।