हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है, जिससे कई राष्ट्रीय राजमार्ग धंस गए हैं और 149 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ भारी बारिश के कारण बुनियादी ढांचा चरमरा गया है।
- हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण 149 सड़कें बंद हैं और 60 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं।
- मंडी जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित है, जहाँ 86 सड़कें बाधित हैं।
- मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा धंसने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
- राज्य में 35 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण 149 सड़कें बंद हो गई हैं और 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
जिलेवार तबाही का विवरण
बारिश का सबसे भीषण प्रभाव मंडी जिले में देखा गया है, जहाँ 86 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू (31 सड़कें) और हमीरपुर (30 सड़कें) का स्थान है। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में शिमला (10), चंबा (8), कांगड़ा (8), और लाहौल-स्पीति शामिल हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंडी में राज्य में सर्वाधिक 111.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मंडी-पठानकोट हाईवे पर संकट
कुल्लू प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंडी-कुल्लू मार्ग (कटौला-कामंद के माध्यम से) कांधी के पास भूस्खलन के कारण बंद कर दिया गया है। सबसे गंभीर स्थिति मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखी गई, जहाँ चामड़ा मोड़ के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। रात के समय एक रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) ढहने से सड़क का लगभग आधा हिस्सा नीचे गिर गया, जिससे यातायात पूरी तरह रुक गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि हिमाचल प्रदेश में बुनियादी ढांचे की यह कमजोरी मानसून के दौरान बार-बार होने वाली एक बड़ी चुनौती है। सड़कों का धंसना और बिजली-पानी की आपूर्ति का ठप होना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि पर्यटन पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और मानसून की तीव्रता का मेल बुनियादी ढांचे के लिए एक 'टाइम बम' की तरह काम कर रहा है।
बारिश के कारण केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि बिजली और पानी की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य में 35 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं, और 60 ट्रांसफार्मर खराब होने से सैकड़ों गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। सुंदरनगर और डलहौजी जैसे क्षेत्रों में बिजली संकट सबसे अधिक है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वर्तमान में हिमाचल में कौन सा जिला सबसे अधिक प्रभावित है?
उत्तर: मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ 86 सड़कें बंद हैं और सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है।
प्रश्न 2: क्या राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करना सुरक्षित है?
उत्तर: प्रशासन ने यात्रियों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है।