YSRCP नेता अनंत वेंकटरमी रेड्डी ने आरोप लगाया है कि 'सुपर अल नीनो' के कारण अनंतपुर में पीने के पानी, सिंचाई और चारे का भीषण संकट पैदा हो गया है। उन्होंने सरकार की निष्क्रियता और जल प्रबंधन की विफलता पर कड़ा प्रहार किया है।

  • 'सुपर अल नीनो' के कारण अनंतपुर और श्री सत्य साई जिले में भारी वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
  • अनंतपुर में खरीफ सीजन में 45% और श्री सत्य साई में 53% वर्षा की कमी हुई है।
  • तुंगभद्रा बांध से अपेक्षित 27 TMCF के मुकाबले केवल 16 TMCF पानी मिलने की आशंका है।
  • पशुओं के लिए चारे की कमी के कारण किसान मवेशियों को बाजार में बेचने को मजबूर हैं।

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में अल नीनो (El Niño) के प्रभाव से उत्पन्न संकट गहराता जा रहा है। YSRCP के जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक अनंत वेंकटरमी रेड्डी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कोई वैकल्पिक उपाय करने में विफल रही है। रेड्डी के अनुसार, जिसे सामान्य अल नीनो समझा जा रहा था, वह वास्तव में एक 'सुपर अल नीनो' है, जिसका प्रभाव पूरे वर्ष बना रह सकता है।

क्षेत्र में स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। रेड्डी ने बताया कि अविभाजित अनंतपुर जिला वर्तमान में पीने के पानी, सिंचाई और पशुओं के चारे की भारी कमी का सामना करने के लिए तैयार है। पिछले खरीफ सीजन में फसलों की कम पैदावार के कारण गांवों में चारे (Haystacks) का अभाव हो गया है, जिसके चलते किसान अपने पशुओं को बाजार में बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह संकट?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक मौसमी समस्या नहीं है, बल्कि एक गहरा कृषि और आर्थिक संकट है। अनंतपुर देश के उन दूसरे जिलों में से एक है जहाँ सबसे कम वर्षा होती है। यदि जल प्रबंधन में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो यह क्षेत्र गंभीर सूखे की चपेट में आ सकता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो सकती है।

'सुपर अल नीनो' का प्रभाव और जल संसाधनों का कुप्रबंधन रायलसीमा क्षेत्र को एक बड़े मानवीय संकट की ओर धकेल सकता है।

आंकड़ों के अनुसार, इस खरीफ सीजन में अनंतपुर जिले में वर्षा में 45% की कमी आई है, जबकि श्री सत्य साई जिले में यह गिरावट 53% तक पहुंच गई है। खेती योग्य भूमि का उपयोग भी काफी सीमित रहा है—अनंतपुर में केवल 55% और श्री सत्य साई में मात्र 45% भूमि पर ही फसलें उगाई जा सकी हैं। यहाँ तक कि जो फसलें बोई गई थीं, वे भी सूखे के कारण सूख रही हैं।

जल आपूर्ति के मोर्चे पर भी बड़ी विफलता देखी जा रही है। जहाँ अनंतपुर को तुंगभद्रा बांध से 27 TMCF पानी मिलना चाहिए था, वहीं रिपोर्टों के अनुसार इस वर्ष केवल 16 TMCF ही आवंटित किया जाएगा। रेड्डी ने आरोप लगाया कि श्रीशैलम जलाशय में 167 TMCF पानी उपलब्ध होने के बावजूद, अधिकारी रायलसीमा क्षेत्र के लिए पर्याप्त पानी सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

अनंतपुर ऐतिहासिक रूप से सूखे की मार झेलता रहा है। इस क्षेत्र ने पहले भी ऐसे विनाशकारी सूखे देखे हैं जहाँ पशु अत्यधिक कमजोर हो गए थे और किसानों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। वर्तमान परिस्थितियाँ उसी भयावह दौर की ओर इशारा कर रही हैं।

Did You Know?: अनंतपुर भारत के सबसे शुष्क क्षेत्रों में से एक है, जहाँ वर्षा का स्तर राष्ट्रीय औसत से काफी कम रहता है।
विवरणअनंतपुर जिलाश्री सत्य साई जिला
वर्षा में कमी (%)45%53%
खेती योग्य भूमि (%)55%45%

Frequently Asked Questions

1. अल नीनो का प्रभाव इस क्षेत्र पर क्या है?
अल नीनो के कारण वर्षा में भारी कमी आई है, जिससे जल स्तर गिर गया है और फसलें बर्बाद हो रही हैं।

2. YSRCP की मुख्य मांग क्या है?
YSRCP मांग कर रहा है कि सरकार तुरंत रायलसीमा क्षेत्र के लिए अधिक पानी जारी करे और सूखे से निपटने के उपाय करे।