कोयंबटूर वेस्टर्न बाईपास परियोजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण का 90% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। सरकार जल्द ही ₹368 करोड़ के बजट के साथ इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को गति देने की तैयारी में है।
- कोयंबटूर वेस्टर्न बाईपास के दूसरे चरण (सेल्लामपलायम से कनुवाई) के लिए 90% से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा हो गया है।
- परियोजना के दूसरे चरण की अनुमानित लागत ₹368 करोड़ है।
- राज्य सरकार द्वारा जल्द ही फंड जारी किए जाने की संभावना है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में यातायात की समस्या को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। कोयंबटूर वेस्टर्न बाईपास परियोजना अब अपने दूसरे चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है। राज्य सरकार द्वारा आवश्यक धन आवंटित किए जाने की प्रबल संभावना है, जिससे इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना को नई गति मिलेगी।
यह 32.43 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क परियोजना मूल रूप से वर्ष 2007 में परिकल्पना की गई थी। इस विशाल परियोजना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है। परियोजना का पहला चरण (11.80 किमी), जो मदुक्कराई मेलकल से सेल्लामपलायम तक फैला है, पहले ही बनकर तैयार है और यातायात के लिए खुला है।
परियोजना का विवरण और लागत
परियोजना के दूसरे चरण में सेल्लामपलायम से कनुवाई तक का 12.10 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। राजमार्ग विभाग के निर्माण और रखरखाव (C&M) विंग ने सूचित किया है कि इस खंड के लिए 90% से अधिक भूमि का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस चरण के विकास के लिए ₹368 करोड़ की लागत का अनुमान लगाया गया है।
कोयंबटूर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए यह बाईपास परियोजना एक गेम-चेंजर साबित होगी।
बौज़ोकमीडिया विश्लेषण (BozokMedia analysis)
BozokMedia analysis shows कि पिछले कुछ महीनों में प्रशासनिक बदलावों के कारण इस परियोजना के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे थे। अप्रैल में राजमार्ग विभाग से तमिलनाडु राज्य राजमार्ग विकास प्राधिकरण को प्रशासनिक हस्तांतरण के बाद, बजट में किसी स्पष्ट घोषणा न होने से स्थानीय लोगों में चिंता थी। हालांकि, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह एक निरंतर चलने वाली परियोजना है और राजमार्ग विभाग ही इसे आगे बढ़ाने की संभावना रखता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कोयंबटूर, जिसे दक्षिण भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है, तेजी से बढ़ता औद्योगिक केंद्र है। 2007 में इस बाईपास की योजना बनाई गई थी ताकि शहर के भीतर भारी वाहनों के दबाव को कम किया जा सके और लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार किया जा सके।
Frequently Asked Questions
1. वेस्टर्न बाईपास का दूसरा चरण कहाँ से कहाँ तक है?
यह चरण सेल्लामपलायम से कनुवाई के बीच 12.10 किमी लंबा है।
2. दूसरे चरण के लिए कितना बजट निर्धारित है?
इस चरण के विकास के लिए ₹368 करोड़ का अनुमान लगाया गया है।