दिल्ली सरकार ने हाई‑रिस्क अंडरट्रायल अपराधियों को अन्य राज्यों में स्थानांतरित करने की योजना की घोषणा की। यह कदम जेल सुरक्षा, न्याय प्रक्रिया और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
- हाई‑रिस्क अंडरट्रायल अपराधियों को अंतर‑राज्य ट्रांसफ़र की अनुमति।
- प्रस्तावित नियम में केंद्र तथा राज्य की सहमति आवश्यक।
- जेल में अपराधियों द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की संभावना घटेगी।
दिल्ली सरकार ने रविवार को घोषणा की कि वह ट्रांसफ़र ऑफ़ प्रिज़नर्स (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025 को लागू करेगी, जिससे अंडरट्रायल गैंगस्टर, संगठित अपराधी और अन्य उच्च‑जोखिम वाले कैदियों को अन्य राज्यों में भेजा जा सकेगा। यह कदम जेल सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वर्तमान में ट्रांसफ़र ऑफ़ प्रिज़नर्स एक्ट, 1950 केवल दंडित अपराधियों को ही अंतर‑राज्य में स्थानांतरित करने की अनुमति देता है, जबकि अंडरट्रायलों पर प्रिज़न्स एक्ट, 1900 के तहत समान राज्य में ही रहने की बाध्यता है। यह नियम दिल्ली के जेलों में सुरक्षा चिंताएँ उत्पन्न कर रहा था। मई 2026 में दिल्ली जेलों में 188 अंडरट्रायल गैंग सदस्यों की पहचान हुई, जिनमें से 107 को गिरफ्तार किया गया था।
कानूनी बदलाव और प्रक्रिया
पंजाब सरकार ने 2025 में संशोधित अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति दिलवाई, जिससे अंडरट्रायल कैदियों को "सुरक्षा, कानून व्यवस्था या सार्वजनिक हित" के आधार पर अंतर‑राज्य में स्थानांतरित किया जा सके। दिल्ली में प्रस्तावित प्रक्रिया के तहत, दो राज्य की पारस्परिक सहमति या गृह मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होगी, और स्थानांतरण के बाद न्यायिक कार्यवाही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अनुरूप होगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that transferring hardened undertrials out of the capital can significantly curb their ability to manipulate witnesses, coordinate gang wars, and perpetuate criminal conspiracies from within prison walls. This reform aligns Delhi’s correctional strategy with national security priorities.
"अंडरट्रायल गैंगस्टरों को अन्य राज्यों में भेजना न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाता है," न्याय विशेषज्ञ प्रो. अजय सिंह ने कहा।
Did You Know?
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह बदलाव सभी अंडरट्रायल अपराधियों पर लागू होगा?
उत्तर: केवल उन अंडरट्रायलों को जो हाई‑रिस्क, गैंग‑संबंधित या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा मानें, इस अधिनियम के तहत स्थानांतरित किया जाएगा।
प्रश्न 2: ट्रांसफ़र प्रक्रिया में गृह मंत्रालय की क्या भूमिका होगी?
उत्तर: गृह मंत्रालय को प्रत्येक केस की सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर अनुमोदन या अस्वीकृति का अधिकार होगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा।