महाराष्ट्र में मराठी भाषा नियम के चौथे दिन, गट्टकोपर में RTO ने कई प्रवासी ऑटो‑ड्राइवरों को रोक कर भाषा परीक्षण किया। कक्षाओं में भाग लेने वाले कई ड्राइवरों को भी नोटिस मिला, जबकि कुछ ने बुनियादी संवाद में कठिनाई जताई।
- RTO ने 105‑दिन की अभियान के दौरान वर्गों में भाग लेने वाले ड्राइवरों को भी नोटिस जारी किए।
- कई प्रवासी ऑटो‑ड्राइवर मराठी में बुनियादी संवाद नहीं कर पाए।
- प्रदर्शनकारियों ने कांडिवाली में सड़क अवरुद्ध कर विरोध किया।
महाराष्ट्र सरकार ने प्रवासी ऑटो‑और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा नियम को कड़ाई से लागू करने के चौथे दिन, गट्टकोपर के वडाला RTO ने चार अधिकारियों की टीम के साथ ड्राइवरों को रोककर उनका भाषा कौशल जांचा।
जाँच के दौरान अधिकांश ड्राइवर बुनियादी शब्दावली में पास हो गए, पर कुछ ने कक्षाओं में भाग लेने के बावजूद सही उत्तर नहीं दे पाए। उत्तरांचल से आए मृतुंजय सिंह ने प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिखाया, पर उन्होंने कहा कि लहजे और बोली के अंतर के कारण उन्हें भाषा में प्रवाह नहीं मिला।
वडाला RTO के मोटर वाहन निरीक्षक राहुल पवार ने बताया कि कई ड्राइवर समझते तो हैं पर बोलने में हिचकिचाते हैं, और उन्होंने उन्हें यात्रियों से संवाद के लिए कम से कम वार्तालापीय मराठी सीखने की सलाह दी।
पहले दो दिनों में क्रमशः 1,268 और 1,499 नोटिस जारी किए गए। नियम का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों को एक महीने के भीतर मराठी सीखने का समय दिया गया, उसके बाद निकटतम RTO में मौखिक परीक्षा होगी।
आज कांडिवाली लिंक रोड पर कुछ प्रवासी ड्राइवरों ने लालजीपाड़ा के पास सड़क बंद करके भारी जुर्माने और उत्पीड़न के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय मराठी ड्राइवर उन्हें भाषा सीखने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
इस नियम के कारण कई ड्राइवर अपनी यात्रा मार्ग बदल रहे हैं ताकि जांच टीमों से बच सकें। कई ने बताया कि कक्षा में सिखाए गए 16 वाक्यांशों से आगे की परीक्षा बहुत कठिन है।
Historical Background
मराठी भाषा को राज्य की आधिकारिक भाषा मानने की नीति 2019 में शुरू हुई, जिसका उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करना था। परंतु इस नीति ने कई प्रवासी श्रमिकों, विशेषकर ऑटो‑ड्राइवरों, को भाषाई बाधा के रूप में चुनौती दी है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that enforcing regional language proficiency among migrant transport workers can reshape urban mobility, affect livelihoods, and set precedents for language‑based regulation across India.
"भाषा नीतियों को लागू करने में सामाजिक समावेशन को प्राथमिकता देना आवश्यक है, अन्यथा आर्थिक अस्थिरता बढ़ेगी।"
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए कोई मुफ्त ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध है?
उत्तर: सरकार ने कुछ स्थानीय NGOs के साथ मिलकर मुफ्त कक्षाएं शुरू की हैं, पर उनका कवरेज सीमित है।
प्रश्न 2: यदि ड्राइवर एक महीने में मराठी नहीं सीख पाते तो क्या परिणाम होंगे?
उत्तर: उन्हें लाइसेंस रद्द या दंड के साथ कार्यस्थल से हटाने की संभावना है।