त्योहारी सीजन से पहले उत्तर प्रदेश और राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है, जिसमें नोएडा और जयपुर में कुल 600 किलो असुरक्षित पनीर को नष्ट कर दिया गया है।
- नोएडा और जयपुर में मिलाकर कुल 600 किलोग्राम पनीर नष्ट किया गया।
- त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
- राजस्थान के फलौदी में अवैध वेजिटेबल फैट निर्माण इकाई को सील किया गया।
- दूध, खोया, घी और मिठाइयों के कई नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए।
भारत में आगामी त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मिलावटखोरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) और राजस्थान के जयपुर में बड़ी छापेमारी की गई, जिसमें कुल 600 किलोग्राम असुरक्षित पनीर को नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने पाया कि पनीर अत्यंत अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा गया था, जो उपभोग के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त था।
जापान और नोएडा में व्यापक छापेमारी
जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक डेयरी व्यवसाय का निरीक्षण किया, जहाँ पनीर के नमूने लिए गए। जांच के दौरान लगभग 300 किलोग्राम पनीर को असुरक्षित श्रेणी में पाया गया और उसे तुरंत नष्ट कर दिया गया। वहीं, नोएडा में भी स्थिति समान थी, जहाँ हरियाणा से आपूर्ति किए गए लगभग 300 किलोग्राम पनीर को अस्वास्थ्यकर पाए जाने के बाद नष्ट कर दिया गया।
नोएडा के सहायक खाद्य आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने बताया कि अभियान के दौरान पनीर, दही, खोया और बूंदी के लड्डुओं सहित आठ नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में अवैध इकाइयों पर शिकंजा
राजस्थान में केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी प्रशासन सख्त है। फलौदी जिले में अधिकारियों ने एक अवैध वेजिटेबल फैट बनाने वाली इकाई पर छापा मारा, जहाँ से 690 किलोग्राम वेजिटेबल फैट, कच्चा माल और पैकिंग मशीनें जब्त की गईं। इसके अलावा, धौलपुर में भी दूध और घेवर के नमूने लिए गए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या बन जाती है। जब डेयरी उत्पाद जैसे पनीर और खोया असुरक्षित होते हैं, तो यह न केवल आर्थिक धोखाधड़ी है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा भी है। प्रशासन की यह सक्रियता उपभोक्ताओं में विश्वास जगाने के लिए आवश्यक है।
खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, और सख्त प्रवर्तन ही एकमात्र समाधान है।
Frequently Asked Questions
1. पनीर को असुरक्षित क्यों घोषित किया गया?
पनीर को अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में स्टोर किया गया था और प्रारंभिक जांच में यह उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया।
2. प्रशासन अगला कदम क्या उठाएगा?
प्रयोगशाला (Lab) से रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।