चेन्नई-त्रिची-मदुरै राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी ट्रैफ़िक को देखते हुए, कावरी पुल की मरम्मत दो शिफ्ट में 24×7 की जा रही है। लक्ष्य है त्योहारी सीजन से पहले कार्य समाप्त करना।

  • कावरी पुल पर 50% से अधिक मरम्मत कार्य पूर्ण
  • दो शिफ्ट में 24 घंटे काम, लक्ष्य मध्य अक्टूबर
  • 120 बेयरिंग, 14 पिलर, 16 विस्तार जॉइंट की विस्तृत मरम्मत

पुल का इतिहास और वर्तमान स्थिति

1963 में निर्मित कावरी पुल, जो चेन्नई बायपास पर स्थित है, राष्ट्रीय राजमार्ग NHAI के तहत रखरखाव के लिए आता है। 2010 में आखिरी बार इसका मरम्मत कार्य हुआ था, और आज यह 10 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट पर व्यापक नवीनीकरण से गुजर रहा है।

काम की विस्तृत सूची

कुल 120 पुल बेयरिंग को बदलना, 14 सहायक पिलरों की मजबूती, 16 स्ट्रिप-सील विस्तार जॉइंट की मरम्मत, और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण कार्य इस परियोजना का मुख्य भाग है। अब तक 60 बेयरिंग बदल दी गई हैं, शेष 60 अगले 15 दिनों में बदले जाने की योजना है।

ट्रैफ़िक प्रबंधन

जून 25 को पुल को बंद कर दिया गया था और ट्रैफ़िक को संजीवी नगर जंक्शन से कोन्डायम्पेट्टई तक की दूसरी लेन के माध्यम से मोड़ दिया गया है। यह व्यवस्था यात्रियों को न्यूनतम असुविधा प्रदान करती है।

जल प्रवाह और कार्य निरंतरता

वर्तमान में सिंचाई का मौसम देर से शुरू होने के कारण नदी में पानी का प्रवाह नहीं है, जिससे कार्यकर्ताओं को एक अतिरिक्त समय विंडो मिली है। यदि मेठूर बांध से जल जारी भी हो जाता है, तो NHAI ने पहले से ही प्रतिकूल परिस्थितियों के लिए तैयारियां कर रखी हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the timely completion of the Cauvery bridge repairs will significantly reduce congestion on one of South India's busiest corridors, boosting logistics efficiency and supporting the upcoming festive travel surge.

"पुल की संरचनात्मक मजबूती राष्ट्रीय हाईवे नेटवर्क की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है," कहा वरिष्ठ इंजीनियर राजेश कुमार ने।
Did You Know?: कावरी पुल का पहला निर्माण 1963 में हुआ था, और यह दक्षिण भारत के प्रमुख जल-आधारित ट्रेड मार्गों में से एक है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पुल के सभी बेयरिंग कब तक बदल दिए जाएंगे?

उत्तर: सभी 120 बेयरिंग का प्रतिस्थापन अगले 15 दिनों में पूरा हो जाएगा, जिससे कार्य मध्य अक्टूबर तक समाप्त हो जाएगा।

प्रश्न 2: यदि मेठूर बांध से जल प्रवाह शुरू हो गया तो क्या कार्य रुकेंगे?

उत्तर: नहीं। NHAI ने जल प्रवाह के लिए सुरक्षित कार्य प्रोटोकॉल स्थापित किए हैं, जिससे काम बिना बाधा के जारी रहेगा।