राजस्थान के कोटा में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील में कद्दू की सब्जी खाने के बाद 27 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से 14 बच्चों को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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  • कोटा के पूनिया देवरिया सरकारी स्कूल के 27 बच्चे भोजन के बाद बीमार हुए।
  • बच्चों ने उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत की।
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

राजस्थान के कोटा जिले के रानपुर थाना क्षेत्र स्थित पूनिया देवरिया सरकारी स्कूल में सोमवार को एक गंभीर घटना सामने आई। यहाँ मिड-डे मील के रूप में परोसी गई कद्दू की सब्जी खाने के बाद करीब 27 छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, दस्त और चक्कर आने जैसे लक्षणों की शिकायत की, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।

स्कूल इंचार्ज चंद्र प्रकाश मीणा के अनुसार, सोमवार को स्कूल में कुल 110 बच्चे उपस्थित थे। सुबह करीब 10 बजे भोजन परोसा गया और उसके लगभग दो घंटे बाद बच्चों के स्वास्थ्य में गिरावट देखी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 14 बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, हालांकि अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this incident highlights a critical gap in the quality control of centralized kitchens serving multiple schools. When one kitchen supplies several institutions, a single point of contamination can potentially endanger hundreds of children. While only one school reported illness in this case, the systemic risk remains high if hygiene protocols are not strictly audited.

"Food poisoning in school meals is often a result of improper storage or contaminated ingredients; a rigorous audit of the supply chain is mandatory to prevent recurrence."

घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना। जांच में यह बात सामने आई कि क्षेत्र के 9 स्कूलों में भोजन केवलनगर स्थित 'अन्नपूर्णा रसोई' से भेजा जाता है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी रूप सिंह मीणा ने कहा है कि अन्य स्कूलों में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि भोजन और पानी के नमूनों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और वेंडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

Did You Know?: भारत का मिड-डे मील कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल फीडिंग प्रोग्राम है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को सुधारना और स्कूल उपस्थिति बढ़ाना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कितने बच्चे प्रभावित हुए और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?
कुल 27 बच्चे बीमार हुए, जिनमें से 14 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में अधिकांश बच्चों की हालत में सुधार है।

प्रश्न 2: भोजन कहाँ से तैयार किया गया था?
भोजन केवलनगर स्थित अन्नपूर्णा रसोई से तैयार होकर पूनिया देवरिया सहित 9 स्कूलों में भेजा गया था।