विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति ने मैसूर स्थित CSIR-CFTRI का दौरा किया, जहाँ उन्होंने मिलेट प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का बारीकी से अवलोकन किया।

  • संसदीय स्थायी समिति ने मैसूर के CSIR-CFTRI में मिलेट प्रसंस्करण तकनीक का लाइव प्रदर्शन देखा।
  • समिति ने खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी सुधारों में संस्थान के योगदान की सराहना की।
  • राज्य सभा सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की उपलब्धियों का जायजा लिया।

मैसूर: विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन पर संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने सोमवार को मैसूर के प्रतिष्ठित CSIR-CFTRI (केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान) का दौरा किया। राज्यसभा सदस्य मेधा विश्राम कुलकर्णी के नेतृत्व में इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की अत्याधुनिक सुविधाओं और अनुसंधान क्षमताओं का गहन निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान, समिति के सदस्यों ने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन मिलेट्स' का दौरा किया। यहाँ उन्होंने मिलेट की सफाई, प्रसंस्करण और पैकेजिंग की लाइव प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। समिति को संस्थान की उन तकनीकों से अवगत कराया गया जो मोटे अनाजों (Millets) को आधुनिक खाद्य उत्पादों में बदलने में सक्षम हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत के लिए मिलेट (श्री अन्न) को बढ़ावा देना केवल एक कृषि लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। CSIR-CFTRI जैसी संस्थाएं इन मोटे अनाजों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचा प्रदान कर रही हैं।

मिलेट प्रसंस्करण में तकनीकी नवाचार भारत को वैश्विक 'मिलेट हब' बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

CSIR-CFTRI के निदेशक गिरिधर पर्वतम् ने समिति को संस्थान की प्रमुख गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने सामाजिक पहुंच कार्यक्रमों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, प्रौद्योगिकी विकास, और अनुसंधान एवं विकास (R&D) पहलों पर प्रकाश डाला। प्रतिनिधिमंडल ने एक विशेष मंडप का भी दौरा किया जहाँ संस्थान के नवीनतम उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया था।

इस अवसर पर मैसूर-कोडागु के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार भी उपस्थित थे। समिति ने खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संस्थान के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके प्रयास देश में खाद्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा (Food Safety) और पोषण संबंधी कल्याण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

CSIR-CFTRI भारत के सबसे प्रमुख खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है। दशकों से, इसने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा दी है और भारतीय किसानों को उनकी उपज का मूल्य बढ़ाने में मदद की है। मिलेट को बढ़ावा देने के वैश्विक अभियान के तहत, संस्थान अब इस दिशा में अत्याधुनिक शोध कर रहा है।

Frequently Asked Questions

1. CSIR-CFTRI क्या है?
यह मैसूर स्थित एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है जो खाद्य प्रसंस्करण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखता है।

2. संसदीय समिति के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या था?
मुख्य उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे विकास और मिलेट जैसी महत्वपूर्ण फसलों के प्रसंस्करण के लिए उपलब्ध तकनीकों का मूल्यांकन करना था।