यूके होम ऑफिस द्वारा शरणार्थियों के लिए जारी एक पुस्तिका में दावा किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर फोटो खींचने के लिए अनुमति आवश्यक है। फोटोग्राफी विशेषज्ञों ने इसे कानूनी रूप से गलत बताते हुए नागरिक अधिकारों पर हमला करार दिया है।
- यूके होम ऑफिस ने शरणार्थियों को बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर फोटो/वीडियो के लिए अनुमति जरूरी है।
- कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यूके में सार्वजनिक स्थानों पर फोटोग्राफी प्रतिबंधित करने वाला कोई कानून नहीं है।
- पुलिस अधिकारियों के संघ (ACPO) ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक फोटोग्राफी को रोकना अस्वीकार्य है।
यूनाइटेड किंगडम में सार्वजनिक स्थानों पर फोटो खींचने के अधिकार को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब होम ऑफिस ने शरणार्थियों (asylum seekers) के लिए एक पुस्तिका और पोस्टर जारी किया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर फोटोग्राफी के संबंध में भ्रामक जानकारी दी गई है।
इस पुस्तिका में स्पष्ट रूप से लिखा है: "यूके में, आपको किसी की अनुमति के बिना उसकी तस्वीरें या वीडियो नहीं लेने चाहिए। इसमें सड़कों या पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर तस्वीरें या वीडियो लेना शामिल है।" इस बयान ने फोटोग्राफी समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है, क्योंकि यह ब्रिटिश कानून के बुनियादी सिद्धांतों के विपरीत है।
निकोलस बोमन, जो सिटी ऑफ लंदन एंड क्रिप्प्लगेट फोटोग्राफिक सोसाइटी के अध्यक्ष हैं, ने इस मार्गदर्शन पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यदि सरकार शरणार्थियों को यह बता रही है, तो वह संभवतः इसे सभी फोटोग्राफरों पर लागू करना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे सुरक्षा गार्डों को फोटोग्राफरों को परेशान करने का मौका मिलेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक छपाई की गलती नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक संभावित प्रहार है। जब सरकारी निकाय गलत कानूनी सलाह देते हैं, तो यह जमीनी स्तर पर प्रवर्तन अधिकारियों को गलत तरीके से अधिकार दे देता है, जिससे स्ट्रीट फोटोग्राफी और डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी जैसी कलाएं समाप्त हो सकती हैं।
"कानून सबके लिए समान होता है - आप शरणार्थियों के लिए अलग और अन्य फोटोग्राफरों के लिए अलग नियम नहीं रख सकते।"
इस मामले में, एसोसिएशन ऑफ चीफ पुलिस ऑफिसर्स (ACPO) के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला दिया गया है, जो आज भी मान्य हैं। ACPO के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर फोटोग्राफी, फिल्म या डिजिटल इमेज लेने से रोकने की कोई शक्ति पुलिस के पास नहीं है। पुलिस ने यह भी माना है कि 'सिटीजन जर्नलिज्म' आधुनिक जीवन का हिस्सा है और यह अपराधियों की पहचान करने में मदद करता है।
होम ऑफिस का यह कदम पुलिस के अपने दिशा-निर्देशों के बिल्कुल विपरीत है। जहाँ एक ओर पुलिस फोटोग्राफरों के साथ सहयोग की बात करती है, वहीं दूसरी ओर होम ऑफिस नए आने वाले लोगों को यह सिखा रहा है कि ऐसा करना गलत है।
| स्रोत | सार्वजनिक फोटोग्राफी पर रुख | कानूनी आधार |
|---|---|---|
| होम ऑफिस पुस्तिका | अनुमति आवश्यक है | भ्रामक/गलत मार्गदर्शन |
| ACPO / पुलिस गाइडेंस | कोई प्रतिबंध नहीं है | स्थापित यूके कानून |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या यूके में सार्वजनिक रूप से अजनबियों की फोटो लेना अवैध है?
नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर फोटोग्राफी प्रतिबंधित करने वाला कोई कानून नहीं है, क्योंकि वहां गोपनीयता की अपेक्षा कम होती है।
प्रश्न 2: क्या पुलिस फोटोग्राफर को फोटो डिलीट करने के लिए मजबूर कर सकती है?
नहीं, अदालत के आदेश के बिना पुलिस के पास तस्वीरों को हटाने या जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है।