पोरुर के पास थुंडलम गांव में तमिल विद्वान थिरु वि का की याद में ₹1 करोड़ की लागत से बना पुस्तकालय उद्घाटन के बिना ही बंद पड़ा है। स्थानीय निवासियों और तमिल प्रेमियों ने सरकार से जल्द से जल्द इसे खोलने की मांग की है।
- थिरु वि का की 143वीं जयंती पर पुस्तकालय के उद्घाटन की उम्मीद थी, जो नहीं हो सका।
- ₹1 करोड़ की लागत से थुंडलम गांव में इस स्मारक पुस्तकालय का निर्माण किया गया है।
- स्थानीय निवासी और तमिल कार्यकर्ता इस देरी से बेहद निराश हैं।
तमिल विद्वान और प्रसिद्ध श्रमिक नेता थिरुवरुर विरुदाचल कल्याणसुंदरनार, जिन्हें दुनिया 'थिरु वि का' के नाम से जानती है, की 143वीं जयंती के अवसर पर पोरुर के पास थुंडलम गांव में एक बड़ी निराशा देखने को मिली। ₹1 करोड़ की भारी लागत से निर्मित स्मारक पुस्तकालय, जो इस महान विद्वान की स्मृति में बनाया गया था, अभी भी जनता के लिए बंद है।
जबकि राज्य सरकार ने सचिवालय में पुष्प अर्पित कर थिरु वि का की जयंती मनाई, स्थानीय निवासी और तमिल उत्साही लोग इस बात से दुखी हैं कि जिस दिन इस पुस्तकालय का उद्घाटन होना चाहिए था, उस दिन भी इसे जनता के लिए नहीं खोला गया। थुंडलम गांव के निवासियों का कहना है कि यह पुस्तकालय न केवल एक स्मारक है, बल्कि शिक्षा और तमिल संस्कृति के संरक्षण का एक केंद्र भी है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह की सरकारी देरी न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी को दर्शाती है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के प्रति उदासीनता को भी उजागर करती है। एक समृद्ध पुस्तकालय का उपयोग न होना ज्ञान के प्रसार में एक बड़ी बाधा है।
सांस्कृतिक स्मारकों का केवल निर्माण पर्याप्त नहीं है; उनका उपयोग और सुलभता ही उनकी वास्तविक सफलता निर्धारित करती है।
इस पुस्तकालय का निर्माण पिछले डीएमके (DMK) शासन के दौरान एक रिट याचिका के बाद किया गया था। 2014 में, इय्यपंथंगल-बरनीपुट्टुर मानवाधिकार और उपभोक्ता अधिकार संरक्षण संघ के सचिव आर.के. रविचंद्रन ने मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि पुराने जर्जर पुस्तकालय को हटाकर इस नए आधुनिक पुस्तकालय का निर्माण किया जाए।
थिरु वि का का ऐतिहासिक महत्व
थिरु वि का, जिन्हें 'तमिल तेन्द्रल' के रूप में भी जाना जाता है, का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने शहर के बी और सी मिलों में पहला ट्रेड यूनियन शुरू किया था, जो श्रमिक संघर्ष के कारण ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। उनके नाम पर शहर में एक पुल और पार्क भी समर्पित है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: थुंडलम पुस्तकालय का निर्माण किसके आदेश पर किया गया था?
उत्तर: इसका निर्माण मद्रास उच्च न्यायालय में दायर एक रिट याचिका के आधार पर पिछले डीएमके सरकार द्वारा किया गया था।
प्रश्न 2: थिरु वि का कौन थे?
उत्तर: वे एक प्रसिद्ध तमिल विद्वान और श्रमिक नेता थे जिन्होंने ट्रेड यूनियन आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।