ओडिशा के गंजाम में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ एक तीन साल के बच्चे ने खेलते समय 2 इंच की लोहे की कील निगल ली। 28 दिन बीत जाने के बाद भी कील पेट में फंसी हुई है और गरीब मजदूर पिता अब इलाज के लिए सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है।
- ओडिशा के गंजाम जिले के ढेपसाही गांव का मामला।
- 3 साल के मासूम आकाश ने 2 इंच लंबी लोहे की कील निगली।
- 28 दिनों के बाद भी कील पेट से बाहर नहीं निकली है।
- गरीब मजदूर पिता इलाज के खर्च के कारण बेबस है।
ओडिशा के गंजाम जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। ढेपसाही गांव के रहने वाले तीन साल के मासूम आकाश ने खेलते समय अनजाने में करीब 2 इंच लंबी लोहे की एक नुकीली कील निगल ली। इस घटना के 28 दिन बीत चुके हैं, लेकिन वह जानलेवा कील अब भी बच्चे के पेट में फंसी हुई है, जिससे उसके जीवन पर संकट मंडरा रहा है।
घटना 29 जुलाई की है, जब आकाश अपने घर में अकेला खेल रहा था। खेलते-खेलते उसने गलती से लोहे की कील मुंह में डाल ली और उसे निगल गया। जब बच्चे ने असहजता महसूस की और अपने पिता को बताया, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत बच्चे को भंजनगर मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ एक्स-रे में कील की उपस्थिति की पुष्टि हुई।
चिकित्सीय लापरवाही या मजबूरी?
परिवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें यह आश्वासन दिया था कि कील मल के रास्ते अपने आप बाहर निकल जाएगी। इसी भरोसे पर परिवार घर लौट आया, लेकिन एक दिन, एक हफ्ता और फिर पूरा महीना बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
नुकीली वस्तुओं का निगलना बच्चों में एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसे केवल 'प्राकृतिक रूप से निकलने' के भरोसे छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है।
BozokMedia analysis shows कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और डॉक्टरों द्वारा दी जाने वाली सामान्य सलाह अक्सर गंभीर मामलों में जानलेवा साबित हो सकती है। इस मामले में भी, कील के पेट के अंदर स्थिर रहने से संक्रमण या आंतरिक अंगों के फटने का खतरा बना हुआ है।
मजदूर पिता की बेबसी और आर्थिक संकट
आकाश के पिता, टोफान जेना, एक दिहाड़ी मजदूर हैं। उनके लिए अपने बच्चे की जान बचाना अब एक आर्थिक युद्ध बन गया है। वे अब तक आठ बार अस्पताल जा चुके हैं, जिससे उनकी जमा-पूंजी खत्म हो चुकी है। टोफान ने रोते हुए बताया कि उनके पास अब अस्पताल तक जाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।
प्रशासन से मदद की गुहार
आकाश की मां, रिंकी, ने बताया कि उस समय वे दोनों काम पर गए हुए थे। अब पूरा परिवार केवल सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है ताकि उनके मासूम का ऑपरेशन कराया जा सके और उसकी जान बचाई जा सके।
Frequently Asked Questions
1. क्या कील का पेट में रहना खतरनाक है?
हाँ, नुकीली कील पेट की दीवारों में छेद (perforation) कर सकती है, जो जानलेवा हो सकता है।
2. परिवार को क्या करना चाहिए?
परिवार को तुरंत किसी बड़े मेडिकल कॉलेज या विशेषज्ञ सर्जन से संपर्क करना चाहिए।