दिल्ली के 2025 विधानसभा चुनावों में सबसे कम मतदान वाले 17 सीटों में डिजिटलकरण दर दिल्ली के औसत से नीचे रही, जिससे बड़ी संख्या में मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची से बाहर किया जा सकता है।
- कम मतदान वाले 17 सीटों में डिजिटलकरण दर 67% के औसत से कम रही।
- लगभग 33% मतदाता को "असंग्रहित" चिन्हित किया गया, जो ड्राफ्ट रोल से बाहर हो सकते हैं।
- अंतिम रोल 4 नवंबर को प्रकाशित होगा, जिससे पुनः सम्मिलन की संभावना होगी।
परिचय
दिल्ली में कुल 70 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। विशेष गहन संशोधन (SIR) के प्रारूपिक डेटा ने दिखाया कि 2025 के चुनावों में सबसे कम मतदान वाले 18 में से 17 क्षेत्रों की डिजिटलकरण दर दिल्ली के औसत 67% से नीचे थी। यह प्रवृत्ति संभावित मतदाता बहिष्कार की चेतावनी देती है।
डेटा विश्लेषण
डिजिटलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा एकत्रित फॉर्म को निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इस प्रक्रिया में शामिल मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में शामिल माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे कम मतदान वाले क्षेत्र मेहरौली (53% turnout) में केवल 59% मतदाताओं का डेटा अपलोड हुआ, जबकि तुगलकाबाद (56% turnout) में यह दर 52% रही।
प्रभावित क्षेत्रों की विविधता
इन कम मतदान वाले क्षेत्रों में धनी और निम्न आय वर्ग दोनों शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, आदर्श नगर ने 56% मतदान के साथ लगभग 70% डिजिटलकरण दर हासिल की, जो इस पैटर्न से बाहर है। यह विविधता दर्शाती है कि समस्या केवल सामाजिक-आर्थिक कारणों तक सीमित नहीं है।
पुर्वांचली और मुस्लिम जनसंख्या वाले क्षेत्रों में स्थिति
पुर्वांचली या मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कोई समान पैटर्न नहीं देखा गया। 15 प्रमुख पुर्वांचली क्षेत्रों में सात की डिजिटलकरण दर औसत से नीचे है, जबकि बाकी में 59% से 76% तक है। इसी प्रकार, सात मुस्लिम‑बहुल क्षेत्रों में पाँच की दर औसत से ऊपर है।
अंतिम रोल और अगले कदम
ड्राफ्ट रोल 31 अगस्त को प्रकाशित होगा, और अंतिम रोल 4 नवंबर को जारी किया जाएगा। इस अवधि में "असंग्रहित" चिह्नित 47.58 लाख मतदाता (लगभग 33% निर्वाचनकर्ता) को पुनः सम्मिलन के लिए अपील करने का अवसर मिलेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that low digitisation in low‑turnout constituencies could disproportionately disenfranchise vulnerable voters, potentially skewing the political representation in Delhi’s upcoming assembly.
"डिजिटलीकरण की कमी चुनावी निष्पक्षता को खतरे में डाल सकती है, विशेषकर कम मतदान वाले क्षेत्रों में," कहते हैं चुनाव विशेषज्ञ डॉ. अनीता शर्मा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या असंग्रहित मतदाता ड्राफ्ट रोल में फिर से शामिल हो सकते हैं?
उत्तर: हाँ, अंतिम रोल प्रकाशित होने से पहले वे पुनः सम्मिलन के लिए अपील कर सकते हैं।
प्रश्न 2: डिजिटलकरण दर में कमी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारणों में प्रवास, मृत्यु, डुप्लिकेट एंट्री और असंगत डेटा संग्रह शामिल हैं।