केंद्र सरकार की 'परिवर्तन' योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में 2 लाख पुराने ट्रकों और बसों को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के माध्यम से प्रदूषण कम करने के लिए भारी सब्सिडी और टैक्स छूट दी जा रही है।

  • दिल्ली-एनसीआर में 2 लाख पुराने BS-IV या उससे पुराने ट्रक और बसों को बदलने का लक्ष्य।
  • 'परिवर्तन' योजना के तहत 5% ब्याज छूट और 10 साल के लिए रोड टैक्स में 100% की माफी।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों पर ₹64,000 से ₹2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन।
  • कुल ₹9,585 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। सड़क सचिव वी. उमाशंकर के अनुसार, 'परिवर्तन' (PARIVARTAN) योजना के माध्यम से एक वर्ष के भीतर 2 लाख से अधिक पुराने ट्रकों और बसों को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना ने दो साल की कार्यान्वयन समयसीमा को घटाकर मात्र एक वर्ष कर दिया है।

प्रदूषण के आंकड़ों पर गौर करें तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। हालांकि क्षेत्र के कुल वाहनों में ट्रकों और बसों की हिस्सेदारी केवल 3.1% है, लेकिन वे PM2.5 उत्सर्जन में 36% का योगदान देते हैं। इसी कारण सरकार ने इस तीव्र बदलाव की आवश्यकता महसूस की है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए नहीं है, बल्कि यह दिल्ली-एनसीआर के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को आधुनिक बनाने की एक रणनीतिक कोशिश है। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह भारत के अन्य प्रदूषित शहरों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

पुराने वाणिज्यिक वाहनों को हटाना दिल्ली की हवा को साफ करने की दिशा में सबसे प्रभावी और तत्काल कदम साबित होगा।

परिवर्तन योजना के तहत मिलने वाले लाभ: इस योजना के लिए ₹9,585 करोड़ का कुल वित्तीय परिव्यय रखा गया है। पात्र खरीदारों को नए BS-VI डीजल/CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों पर कई वित्तीय लाभ मिलेंगे। इसमें पांच वर्षों के लिए वाहन ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी, 10 वर्षों के लिए 100% रोड टैक्स माफी और पंजीकरण शुल्क से छूट शामिल है। इसके अलावा, वाहन निर्माताओं द्वारा एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम 8% की छूट भी दी जाएगी।

BS-VI डीजल या CNG वाहनों के खरीदारों को वाहन श्रेणी के आधार पर पांच वर्षों तक ₹1,200 से ₹4,800 तक के मासिक ईंधन वाउचर भी मिलेंगे। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को ₹64,000 से लेकर ₹2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।

Did You Know?: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा केवल 3% वाणिज्यिक वाहनों से आता है, जो कुल उत्सर्जन का 36% हिस्सा है।

Frequently Asked Questions

1. मैं इस योजना का लाभ कैसे उठा सकता हूँ?
पात्र लाभार्थियों को PARIVARTAN पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा और अपने BS-III या उससे पुराने ट्रकों/बसों को स्क्रैप करना होगा।

2. क्या BS-IV वाहन भी इस योजना के दायरे में हैं?
हाँ, BS-IV वाहनों को या तो स्क्रैप किया जा सकता है या उन्हें NCR के बाहर बेचा जा सकता है।