तमिलनाडु सरकार चेन्नई के आसपास के ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए ताम्बरम-चेनगालपट्टू एलिवेटेड कॉरिडोर और चेन्नई-कन्याकुमारी आठ-लेन सड़क परियोजना पर काम कर रही है। लोक निर्माण मंत्री आदव अर्जुन ने विधानसभा में इस महत्वाकांक्षी योजना की पुष्टि की है।
- ताम्बरम-चेनगालपट्टू के बीच एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने पर विचार किया जा रहा है।
- चेन्नई से कन्याकुमारी तक आठ-लेन राजमार्ग बनाने की योजना है।
- ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।
तमिलनाडु के लोक निर्माण मंत्री आदव अर्जुन ने विधानसभा में घोषणा की है कि राज्य सरकार चेन्नई के आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। सरकार विशेष रूप से ताम्बरम-चेनगालपट्टू एलिवेटेड कॉरिडोर और चेन्नई को तिरुवल्लूर, चेनगालपट्टू और महाबलीपुरम से जोड़ने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए, मंत्री अर्जुन ने स्वीकार किया कि यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही सार्वजनिक निर्माण विभाग के अनुदान मांगों के दौरान चेन्नई से कन्याकुमारी के बीच एक आठ-लेन राजमार्ग बनाने की योजना की घोषणा की थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चेन्नई के आसपास का बुनियादी ढांचा वर्तमान में अत्यधिक दबाव में है। वर्तमान सड़क नेटवर्क न केवल यात्रा के समय को बढ़ाता है, बल्कि दुर्घटनाओं की उच्च दर के लिए भी जिम्मेदार है। एक एलिवेटेड कॉरिडोर और आठ-लेन राजमार्ग का निर्माण अगले तीन दशकों के लिए परिवहन की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है।
केवल आठ-लेन की सड़क ही अगले 30 वर्षों के लिए यातायात की समस्याओं को हल कर सकती है, क्योंकि इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या बहुत अधिक है।
मंत्री ने यात्रा के समय के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे बुनियादी ढांचे की कमी के कारण यात्रियों को असुविधा होती है। उदाहरण के लिए, तिरुचि से चेनगालपट्टू की दूरी तय करने में चार घंटे लगते हैं, लेकिन चेनगालपट्टू से हवाई अड्डे तक पहुँचने में अतिरिक्त तीन घंटे लग जाते हैं। इसी तरह, बेंगलुरु से तिरुवल्लूर तक पहुँचना आसान है, लेकिन पूनमल्ली तक का सफर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ताम्बरम और चेनगालपट्टू के बीच का क्षेत्र चेन्नई के सबसे तेजी से बढ़ते उपनगरों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में शहरीकरण के कारण यहाँ वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा सड़कें पूरी तरह से संतृप्त हो गई हैं। एआईएडीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई इस परियोजना को अब वर्तमान डीएमके सरकार द्वारा पुनर्जीवित किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions
1. ताम्बरम-चेनगालपट्टू कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य चेन्नई के दक्षिणी उपनगरों के बीच यातायात के दबाव को कम करना और यात्रा के समय को काफी कम करना है।
2. क्या इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार का सहयोग मिलेगा?
हाँ, मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की है और परियोजना के कार्यान्वयन के लिए अगले सप्ताह एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है।