गुडाலூர் के ओ'वैली रेंज में दो लोगों की जान लेने वाले बाघ को पकड़ने का अभियान आठवें दिन भी जारी है। वन विभाग ने क्षेत्र में एक दूसरे बाघ की मौजूदगी की भी पुष्टि की है।

  • गुडाலூர் के ओ'वैली रेंज में बाघ को पकड़ने का ऑपरेशन आठवें दिन भी जारी है।
  • वन विभाग ने अथिपल्ली के पास एक दूसरे बाघ की मौजूदगी की निगरानी शुरू कर दी है।
  • बाघ को ट्रैक करने के लिए दो कुमकी हाथियों और 130 कैमरा ट्रैप का उपयोग किया जा रहा है।
  • क्षेत्र में सुरक्षा के लिए फॉरेस्ट एलीट फोर्स की दो टीमें तैनात की गई हैं।

तमिलनाडु के गुडाலூர் क्षेत्र में एक खूंखार बाघ को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान अब आठवें दिन में प्रवेश कर गया है। यह बाघ ओ'वैली रेंज में दो व्यक्तियों की मृत्यु के लिए संदिग्ध माना जा रहा है। वन विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन अब तक बाघ को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।

गुडाலூர் डिवीजन के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) पी. देवराज ने बताया कि विभाग को अथिपल्ली के पास एक दूसरे बाघ की मौजूदगी की जानकारी मिली है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस दूसरे बाघ का अब तक मनुष्यों के साथ कोई नकारात्मक संपर्क नहीं हुआ है। विभाग इस क्षेत्र में भी पिंजरे लगाने पर विचार कर रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामले न केवल स्थानीय समुदायों के लिए खतरा हैं, बल्कि यह पारिस्थितिक संतुलन और सुरक्षा प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी पेश करते हैं। बाघों की गतिविधियों का अनियंत्रित होना ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल पैदा करता है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघों की ट्रैकिंग के लिए उन्नत तकनीक और प्रशिक्षित हाथियों का तालमेल ही इस तरह के जटिल अभियानों में सफलता सुनिश्चित कर सकता है।

इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए विभाग ने दो प्रशिक्षित कुमकी हाथियों, उधयन और बोम्मन, को तैनात किया है। इसके अलावा, बाघ की गतिविधियों को सटीक रूप से समझने के लिए पूरे क्षेत्र में 130 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। हाल ही में प्राप्त तस्वीरों से पुष्टि हुई है कि यह एक नर बाघ है जो इस क्षेत्र का निवासी है।

वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर फॉरेस्ट एलीट फोर्स की दो टीमें तैनात की हैं। बाघ के ओ'वैली से निकलकर आसपास के जंगलों में जाने की आशंका को देखते हुए नीलगिरी रेंज, नाडुवट्टम और मुदुमलई टाइगर रिजर्व के सिंगारा और मासिनागुड़ी क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

Did You Know?: कुमकी हाथी विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं ताकि वे जंगली जानवरों को नियंत्रित कर सकें और उन्हें सुरक्षित रूप से वापस जंगल में भेज सकें।

Frequently Asked Questions

1. क्या दूसरा बाघ मनुष्यों के लिए खतरा है?
नहीं, अथिपल्ली के पास देखे गए दूसरे बाघ का अब तक मनुष्यों के साथ कोई संपर्क नहीं हुआ है।

2. वन विभाग ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
विभाग ने कैमरा ट्रैप लगाए हैं, कुमकी हाथियों को तैनात किया है और स्थानीय स्कूली बच्चों की आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्था की है।