दिल्ली सरकार ने ऊंची इमारतों में आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 18-सूत्रीय नया अग्नि सुरक्षा ढांचा अधिसूचित किया है। नए नियमों में 6-मीटर फायर एक्सेस, फायर लिफ्ट और रिफ्यूज एरिया जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

  • दिल्ली में ऊंची इमारतों के लिए 18-सूत्रीय नया अग्नि सुरक्षा ढांचा लागू।
  • 6-मीटर फायर इंजन एक्सेस और विशेष फायर लिफ्ट अनिवार्य।
  • मालवीय नगर और पालम जैसी पिछली दुखद घटनाओं के बाद कड़े कदम।
  • संरचनात्मक ऑडिट MCD/DDA द्वारा और गैर-संरचनात्मक ऑडिट DFS द्वारा किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने राजधानी की ऊंची इमारतों (high-rises) में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। यह निर्णय मालवीय नगर, पालम और विवेक विहार में हुई पिछली भीषण आग की घटनाओं के बाद लिया गया है, जिनमें लगभग 41 लोगों की जान चली गई थी।

नए नियमों के तहत, अब हर ऊंची इमारत को एक 18-सूत्रीय सुरक्षा ढांचे का पालन करना होगा। इसमें 6-मीटर चौड़ा फायर इंजन एक्सेस, सुरक्षित निकास द्वार, फायर और स्मोक बैरियर, स्वचालित अग्नि पहचान प्रणाली, और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण मानक शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य दिल्ली के अग्नि सुरक्षा मानकों को एकीकृत भवन उपनियमों (UBBL) के साथ जोड़ना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर में, जहां ऊंची इमारतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, सुरक्षा प्रोटोकॉल में यह बदलाव जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब तक ऑडिटिंग प्रक्रियाओं में स्पष्टता की कमी थी, जिसे इस नए संशोधन के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया गया है।

गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'दिल्ली के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सुरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।'

नए ढांचे में फायर चेक फ्लोर, रिफ्यूज एरिया और आपातकालीन बिजली बैकअप जैसे आधुनिक उपायों पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के निदेशक को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय निर्धारित करने की शक्ति दी गई है।

एक महत्वपूर्ण बदलाव ऑडिटिंग की जिम्मेदारी में देखा गया है। अब इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट (Structural Audit) MCD, NDMC या DDA जैसी एजेंसियों द्वारा किया जाएगा, जो निर्माण से पहले नक्शे पास करती हैं। वहीं, गैर-संरचनात्मक ऑडिट (Non-structural Audit) पूरी तरह से दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की जिम्मेदारी होगी।

Did You Know?: दिल्ली के नए नियमों के अनुसार, ऊंची इमारतों में 'रिफ्यूज एरिया' वह सुरक्षित स्थान होता है जहाँ आग लगने की स्थिति में लोग तब तक शरण ले सकते हैं जब तक उन्हें सुरक्षित बाहर न निकाल लिया जाए।

Frequently Asked Questions

1. ये नए नियम कब से प्रभावी होंगे?
ये नियम तभी प्रभावी होंगे जब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संशोधित UBBL-2016 को अधिसूचित किया जाएगा।

2. क्या पुराने भवनों पर भी ये नियम लागू होंगे?
सरकार विशेष परिस्थितियों में कुछ श्रेणियों के लिए नियमों में ढील दे सकती है, लेकिन इसके लिए लिखित कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा।