चेन्नई की पीने के पानी की समस्या को दूर करने के लिए मेट्रोवाटर ने मेट्टूर बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की है। वीरनम टैंक की वर्तमान भंडारण क्षमता केवल 15% रह गई है, जिसे सितंबर के पहले सप्ताह तक भरने की उम्मीद है।
- वीरनम टैंक की वर्तमान भंडारण क्षमता केवल 15% है।
- मेट्रोवाटर ने मेट्टूर बांध से अतिरिक्त 500 क्यूसेक पानी छोड़ने का अनुरोध किया है।
- चेन्नई को प्रतिदिन 179 एमएलडी पानी वीरनम टैंक से मिलता है।
- सितंबर के पहले सप्ताह तक पानी टैंक तक पहुंचने की संभावना है।
चेन्नई की प्यास बुझाने के लिए जल प्रबंधन अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। चेन्नई मेट्रोवाटर ने वीरनम टैंक के जल स्तर को बढ़ाने और शहर की पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए जल संसाधन विभाग (WRD) से मेट्टूर बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने का आग्रह किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब चेन्नई के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर चिंताजनक रूप से कम हो गया है।
कुड्डालोर जिले में स्थित वीरनम टैंक की स्थिति वर्तमान में काफी नाजुक है। इसकी कुल क्षमता 1,465 मिलियन क्यूबिक फीट (mcft) है, लेकिन वर्तमान में इसमें केवल 15% पानी ही उपलब्ध है। इसके बावजूद, यह टैंक चेन्नई की कुल 1,245 एमएलडी (mld) पेयजल आपूर्ति में से 179 एमएलडी पानी का महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, चेन्नई जैसे महानगर के लिए वीरनम टैंक जैसे पूरक स्रोत अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि वीरनम टैंक का स्तर और गिरता है, तो शहर की मुख्य जलापूर्ति व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा, जिससे गर्मियों या मानसून पूर्व के समय जल संकट गहरा सकता है।
वीरनम टैंक का पुनर्भरण केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि चेन्नई की जल सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य सुरक्षा कवच है।
मेट्रोवाटर अधिकारियों ने तिरुचि और इरोड सहित विभिन्न जिलों में संयुक्त पेयजल योजनाओं के लिए किए जा रहे डिस्चार्ज के साथ-साथ अतिरिक्त 500 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की है। एक सरकारी आदेश के माध्यम से सितंबर के अंत तक अतिरिक्त पानी छोड़ने की अनुमति दी गई है ताकि वीरनम में भंडारण को बढ़ाया जा सके। अधिकारियों का अनुमान है कि यह पानी सितंबर के पहले सप्ताह तक टैंक तक पहुंच जाएगा।
वर्तमान में, मेट्टूर बांध से छोड़ा गया पानी टैंक में प्रवाहित होने से पहले अपने अंतिम 27 किलोमीटर के सफर पर है। वडवार चैनल के माध्यम से कम से कम 100 क्यूसेक पानी के प्रवाह की उम्मीद है, जो टैंक में आने वाले और निकाले जाने वाले पानी के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
चेन्नई ऐतिहासिक रूप से जल संकट के प्रति संवेदनशील रहा है। वीरनम टैंक और अन्य जलाशय शहर की जीवन रेखा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में अनियमित मानसून और बढ़ते शहरीकरण के कारण जलाशयों के जल स्तर में भारी गिरावट देखी गई है, जिससे मेट्टूर बांध जैसे बड़े स्रोतों पर निर्भरता बढ़ गई है।
Frequently Asked Questions
1. वीरनम टैंक में वर्तमान में कितना पानी है?
वर्तमान में वीरनम टैंक में उसकी कुल क्षमता का केवल 15% पानी उपलब्ध है।
2. मेट्टूर बांध से कितना अतिरिक्त पानी मांगा गया है?
मेट्रोवाटर ने अतिरिक्त 500 क्यूसेक (cusecs) पानी छोड़ने का अनुरोध किया है।