तमिलनाडु की टीवीके (TVK) सरकार ने किसानों के विरोध और पर्यावरणीय चिंताओं को देखते हुए परंदूर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की।
- तमिलनाडु सरकार ने परंदूर हवाई अड्डा परियोजना को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।
- मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने किसानों के हितों और कृषि भूमि की रक्षा का वादा निभाया।
- परियोजना के कारण 3,000 एकड़ उपजाऊ भूमि और स्थानीय जल निकायों के नुकसान का खतरा था।
- अब सरकार को चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के लिए नए वैकल्पिक स्थल की तलाश करनी होगी।
तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कलगम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वपूर्ण चुनावी वादे को पूरा करते हुए परंदूर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना को बंद करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि हालांकि चेन्नई को एक दूसरे हवाई अड्डे की आवश्यकता है, लेकिन यह किसानों की आजीविका और उपजाऊ कृषि भूमि की कीमत पर नहीं हो सकता।
यह परियोजना, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹27,400 करोड़ थी, का उद्देश्य चेन्नई के बढ़ते हवाई यातायात को संभालना था। यदि यह बन जाती, तो यह सालाना 10 करोड़ यात्रियों की क्षमता रखती। हालांकि, कांचीपुरम जिले के एकनपुरम और आसपास के गांवों के किसानों ने 2022 से ही इसके खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह कृषि बनाम औद्योगिकीकरण के बीच चल रहे बड़े संघर्ष का प्रतीक है। यह निर्णय तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत को दर्शाता है जहां लोकलुभावन वादों और जमीनी हकीकत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
विकास की दौड़ में कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र की बलि देना दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।
परियोजना के रद्द होने से अब एक नया सवाल खड़ा हो गया है: पूर्ववर्ती DMK सरकार के दौरान अधिग्रहित किए गए लगभग 1,700 एकड़ कृषि भूमि का क्या होगा? सरकार के सामने अब इस भूमि के उपयोग और मुआवजे को लेकर बड़ी चुनौती है।
विपक्ष और उद्योग जगत के कुछ हिस्सों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे तमिलनाडु के विकास की गति धीमी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही किसी वैकल्पिक स्थान की पहचान नहीं की गई, तो राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में 10 साल का विलंब हो सकता है।
Frequently Asked Questions
1. परंदूर हवाई अड्डा परियोजना क्यों रद्द की गई?
किसानों के तीव्र विरोध, कृषि भूमि के नुकसान और पारिस्थितिक (ecological) चिंताओं के कारण इसे रद्द किया गया है।
2. अब चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के लिए क्या योजना है?
सरकार वर्तमान में एक नए और वैकल्पिक स्थल की तलाश करने की प्रक्रिया में है जो पर्यावरण और कृषि को कम से कम नुकसान पहुँचाए।
| विशेषता | परंदूर परियोजना (रद्द) | भविष्य की आवश्यकता |
|---|---|---|
| अनुमानित लागत | ₹27,400 करोड़ | अनिश्चित |
| मुख्य उद्देश्य | चेन्नई का दूसरा हवाई अड्डा | चेन्नई का दूसरा हवाई अड्डा |
| मुख्य मुद्दा | कृषि भूमि का नुकसान | पर्यावरण अनुकूल स्थान |