हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (HMRL) ने ओल्ड सिटी मेट्रो कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में बड़ी प्रगति की घोषणा की है। अब केवल 55 संपत्तियां शेष हैं, जिससे परियोजना के तेजी से पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है।

  • ओल्ड सिटी मेट्रो कॉरिडोर के लिए 888 में से 833 संपत्तियां पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी हैं।
  • केवल 55 संपत्तियां अब भी अधिग्रहण की प्रक्रिया में हैं, जिनमें कुछ विरासत संरचनाएं शामिल हैं।
  • प्रशासन ने बिजली, पानी और अन्य उपयोगिताओं के स्थानांतरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (HMRL) ने दक्षिण हैदराबाद के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ओल्ड सिटी मेट्रो रेल परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। शनिवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, HMRL के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक बी. अजिथ रेड्डी ने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित लंबित कार्यों में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण का मुख्य केंद्र दारुलशिफा से चंद्रयानगुट्टा तक का 7.5 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर था। अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग पर प्रभावित होने वाली कुल 888 संपत्तियों में से 833 का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब केवल 55 संपत्तियां शेष हैं, जिनमें कुछ ऐतिहासिक और पुरानी संरचनाएं शामिल हैं, जो अधिग्रहण प्रक्रिया में जटिलता पैदा कर सकती हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि ओल्ड सिटी मेट्रो परियोजना केवल एक परिवहन साधन नहीं है, बल्कि यह दक्षिण हैदराबाद के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को बदलने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। भूमि अधिग्रहण के अंतिम चरणों में होना यह संकेत देता है कि परियोजना अब निर्माण के निर्णायक मोड़ पर है।

अजिथ रेड्डी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस परियोजना को युद्ध स्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बिजली के खंभों, बिजली लाइनों और पानी की पाइपलाइनों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के स्थानांतरण में देरी न करने की चेतावनी दी है।

परियोजना की सफलता के लिए अंतर-विभागीय समन्वय और विरासत संपत्तियों का संवेदनशील प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों को निर्माण गतिविधियों के लिए आवश्यक 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) सुनिश्चित करने और ढही हुई इमारतों से मलबा हटाने के निर्देश भी दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में एचएमआरएल के वरिष्ठ इंजीनियर और जीएचएमसी के ज़ोनल कमिश्नर सहित कई अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

Historical Background

हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना शहर के बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। ओल्ड सिटी खंड विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि यह ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जिससे भूमि अधिग्रहण और उपयोगिताओं का स्थानांतरण एक जटिल कार्य बन जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ओल्ड सिटी मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी है?
उत्तर: निरीक्षण के दौरान दारुलशिफा से चंद्रयानगुट्टा तक के 7.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रश्न 2: अधिग्रहण प्रक्रिया में क्या चुनौतियां हैं?
उत्तर: मुख्य चुनौतियों में कुछ विरासत संरचनाओं का अधिग्रहण और बिजली एवं पानी जैसी उपयोगिताओं का स्थानांतरण शामिल है।

Did You Know?: हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) परियोजनाओं में से एक है।