तेलंगाना फूड्स के 'टेक होम राशन' (THR) मॉडल को केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में अनुशंसित किया है। यह संस्था लाखों बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक आहार प्रदान कर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
- तेलंगाना फूड्स के पोषण मॉडल को केंद्र सरकार, UNICEF और GAIN द्वारा देश के लिए रोल मॉडल के रूप में चुना गया है।
- यह संस्था तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लगभग 31.6 लाख बच्चों को पौष्टिक आहार की आपूर्ति करती है।
- हाल ही में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 10,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले नए बालमृतम प्लांट का उद्घाटन किया है।
तेलंगाना फूड्स, जो राज्य सरकार के स्वामित्व वाला एक प्रमुख पोषण खाद्य निर्माण उद्यम है, ने अपनी पांच दशकों की सेवा के बाद एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने हाल ही में विभिन्न राज्यों में लागू 'टेक होम राशन' (THR) मॉडलों की समीक्षा की और तेलंगाना के मॉडल को पूरे देश में लागू करने की सिफारिश की है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय में भारत सरकार के साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों GAIN और UNICEF की भी सक्रिय भूमिका रही है। एक विशेष समिति ने अध्ययन किया कि कैसे तेलंगाना फूड्स के माध्यम से निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया इतनी प्रभावी और अद्वितीय है कि इसे अन्य राज्यों के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कुपोषण से निपटने के लिए केवल भोजन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक सुव्यवस्थित आपूर्ति श्रृंखला और गुणवत्ता नियंत्रण अनिवार्य है। तेलंगाना फूड्स ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी उद्यमों के माध्यम से बड़े पैमाने पर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
तेलंगाना का पोषण मॉडल केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स और गुणवत्ता प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
वर्तमान में, यह संस्था तेलंगाना के सभी 33 जिलों में 35,781 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 15.48 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध कराती है। इसके अलावा, यह पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के 26 जिलों में भी 16.12 लाख बच्चों को पोषण प्रदान कर रही है। इसके प्रमुख उत्पादों में बालमृतम, बालमृतम प्लस, स्नैक्स, और खिचड़ी एवं उपमा मिक्स शामिल हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस संगठन की जड़ें 1970 के दशक में हैं। इसकी शुरुआत 1970 में तत्कालीन आंध्र प्रदेश के चार जिलों में कुपोषण और गरीबी से निपटने के लिए एक केंद्रीय पहल के रूप में हुई थी। 1973-74 में, तत्कालीन मुख्यमंत्री जगलम वेंगला राव ने हैदराबाद के नाचाराम औद्योगिक क्षेत्र में एक आधुनिक फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। राज्य विभाजन के बाद इसका नाम बदलकर 'तेलंगाना फूड्स' कर दिया गया।
संस्था के अध्यक्ष एम.ए. फहीम ने बताया कि बालमृतम की उत्पादन क्षमता 1,500 मीट्रिक टन से बढ़कर अब 6,000 मीट्रिक टन प्रति माह हो गई है, जिससे इसका वार्षिक टर्नओवर लगभग ₹350 करोड़ तक पहुँच गया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: तेलंगाना फूड्स किन उत्पादों का निर्माण करता है?
उत्तर: यह मुख्य रूप से बालमृतम, बालमृतम प्लस, स्नैक्स, खिचड़ी मिक्स और उपमा मिक्स जैसे पौष्टिक उत्पाद बनाता है।
प्रश्न 2: इस मॉडल को रोल मॉडल क्यों माना जा रहा है?
उत्तर: इसकी कुशल निर्माण प्रक्रिया, व्यापक वितरण नेटवर्क और उच्च गुणवत्ता मानकों के कारण UNICEF और केंद्र सरकार ने इसे अनुशंसित किया है।