बंगाल के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले तीन दिनों तक कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।
- कोलकाता और दक्षिण बंगाल में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।
- तटीय क्षेत्रों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना।
- मछुआरों को सोमवार तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को एक चेतावनी जारी करते हुए बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट के पास एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इस प्रणाली के कारण कोलकाता और आसपास के जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है।
IMD के अनुसार, इस प्रणाली के साथ एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) जुड़ा हुआ है जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। अनुमान है कि यह प्रणाली अगले 24 घंटों के भीतर उत्तरी ओडिशा और गंगा के मैदानी इलाकों से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगी।
क्षेत्रवार बारिश का पूर्वानुमान
रविवार और सोमवार को पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम के अलग-अलग हिस्सों में 7-20 सेमी भारी बारिश होने की उम्मीद है। वहीं, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, बांकुरा, पुरुलिया और कोलकाता में 7-11 सेमी बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 40-50 किमी/घंटा और अन्य जिलों में 30-40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
मंगलवार तक मेदिनीपुर और बांकुरा में बारिश जारी रहेगी, जबकि बुधवार से पश्चिम बर्धमान और बीरभूम में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। 2 सितंबर से 6 सितंबर के बीच अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों में गुरुवार तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून के इस अंतिम चरण में कम दबाव के क्षेत्रों की बार-बार सक्रियता शहरी बुनियादी ढांचे पर दबाव डालती है। कोलकाता जैसे महानगरों में जलजमाव (waterlogging) एक पुरानी समस्या है, और इस स्तर की भारी बारिश से यातायात और दैनिक जीवन पूरी तरह बाधित हो सकता है।
"कम दबाव के क्षेत्रों का यह पैटर्न तटीय अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से मत्स्य पालन और कृषि, के लिए तत्काल जोखिम पैदा करता है।"
प्रशासन ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे गंभीर मौसम के दौरान खुले मैदानों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। बिजली गिरने (lightning) के खतरों और निचले इलाकों में जलजमाव की संभावना के प्रति सचेत रहने को कहा गया है।
| क्षेत्र | अनुमानित बारिश (सेमी) | हवा की गति (किमी/घंटा) |
|---|---|---|
| दक्षिण बंगाल (तटीय) | 7 - 20 | 40 - 50 |
| कोलकाता एवं आसपास | 7 - 11 | 30 - 40 |
| उत्तर बंगाल | 7 - 11 | 30 - 40 |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मछुआरों के लिए चेतावनी कब तक प्रभावी है?
उत्तर: IMD ने मछुआरों को सोमवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
प्रश्न 2: किन जिलों में सबसे अधिक बारिश की संभावना है?
उत्तर: पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम में 7-20 सेमी तक भारी बारिश हो सकती है।