कोलकाता पुलिस ने अवैध होर्डिंग हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले अभिषेक बनर्जी को भी समन जारी किया जा चुका है।

  • डेरेक ओ'ब्रायन को सोमवार दोपहर शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
  • यह मामला 9 कैमैक स्ट्रीट पर अवैध होर्डिंग हटाने के दौरान हुई झड़प से जुड़ा है।
  • अभिषेक बनर्जी को भी पहले ही समन जारी किया जा चुका है।
  • पुलिस ने मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने की तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को 9 कैमैक स्ट्रीट पर गुरुवार को हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में पूछताछ के लिए समन किया है। पुलिस ने ओ'ब्रायन को सोमवार को दोपहर 12 बजे शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

रविवार सुबह, पुलिस अधिकारियों की एक टीम ओ'ब्रायन के प्रिंस अनवर शाह रोड स्थित आवास पर पहुंची। चूंकि सांसद वहां मौजूद नहीं थे, इसलिए उनके कर्मचारियों ने उनके निर्देश पर नोटिस स्वीकार किया। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब पुलिस ने शनिवार शाम को ही टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को भी इसी तरह का नोटिस जारी कर मंगलवार को पेश होने का आदेश दिया था।

विवाद की जड़: अवैध होर्डिंग हटाना

यह पूरा विवाद गुरुवार दोपहर को तब शुरू हुआ जब कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारी और पुलिस बल एक अनधिकृत होर्डिंग को हटाने के लिए 9 कैमैक स्ट्रीट पहुंचे। आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने निगम कर्मियों को प्रवेश करने से रोका, जिससे पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई।

सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, इस दौरान डेरेक ओ'ब्रायन को पुलिस के काम में बाधा डालने के लिए जमीन पर लेटते हुए देखा गया। वहीं, अभिषेक बनर्जी पर अधिकारियों के साथ मौखिक बहस करने का आरोप लगा है। इस घटना के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और उनके कॉलर खींचने की भी खबरें हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में कानून व्यवस्था और सत्ताधारी दल के बीच बढ़ते टकराव का संकेत है। राजनीतिक नेताओं का सार्वजनिक रूप से पुलिस के कार्यों में बाधा डालना प्रशासनिक दक्षता के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजनीतिक रसूख से ऊपर उठकर कार्रवाई करना पुलिस के लिए अनिवार्य है।

पुलिस ने इस मामले में मारपीट, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और दंगा करने की तीन अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इससे पहले, अभिषेक बनर्जी की कानूनी टीम ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में राहत मांगी थी, लेकिन अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि विवादित होर्डिंग पहले ही हटाया जा चुका है।

संपत्ति के मालिक ने भी टीएमसी पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस जारी किया है। रिकॉर्ड के अनुसार, 2020 में टीएमसी यूथ कांग्रेस और मालिक के बीच एक लीज समझौता हुआ था, जिसके उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है।

Did You Know?: कोलकाता नगर निगम (KMC) भारत के सबसे पुराने नगर निकायों में से एक है, जो शहर के बुनियादी ढांचे और विज्ञापनों के नियमन के लिए जिम्मेदार है।

Frequently Asked Questions

1. डेरेक ओ'ब्रायन को पुलिस ने क्यों बुलाया है?
उन्हें 9 कैमैक स्ट्रीट पर अवैध होर्डिंग हटाने के दौरान हुई हिंसा और पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में बुलाया गया है।

2. क्या अदालत ने अभिषेक बनर्जी को कोई राहत दी?
नहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था।