प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 137वें संस्करण में बेंगलुरु की स्ट्रीट वेंडर टी.एस. निंगम्मा की सफलता की कहानी साझा की। पीएमएस वनिधि योजना ने उनके छोटे से खाद्य व्यवसाय को बड़ा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

  • प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के 137वें एपिसोड में बेंगलुरु की निंगम्मा की सराहना की।
  • पीएमएस वनिधि (PM SVANidhi) योजना ने उनके व्यवसाय विस्तार में मदद की।
  • व्यवसाय की सफलता से अब उनके तीन बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
  • पीएम ने इसे महिला सशक्तिकरण का एक 'जीवंत उदाहरण' बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 137वें एपिसोड के दौरान बेंगलुरु की एक स्ट्रीट वेंडर, टी.एस. निंगम्मा की प्रेरणादायक यात्रा का उल्लेख किया। निंगम्मा ने दिखाया है कि कैसे सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर एक छोटा सा व्यवसाय परिवार की किस्मत बदल सकता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि निंगम्मा और उनके पति ने इडली, डोसा और सांभर बेचने का एक छोटा सा काम शुरू किया था। हालांकि व्यवसाय चल रहा था, लेकिन विस्तार करने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता थी। यहीं पर पीएमएस वनिधि (PM SVANidhi) योजना उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुई। इस योजना के तहत प्राप्त वित्तीय सहायता से उन्होंने थोक में सामग्री खरीदना शुरू किया और अपने मेनू में नए व्यंजन भी जोड़े।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सूक्ष्म ऋण (Micro-credit) योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभाव कितना गहरा है। निंगम्मा जैसी कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि जब छोटे उद्यमियों को वित्तीय सुरक्षा मिलती है, तो वे न केवल अपना जीवन स्तर सुधारते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान देते हैं।

"जब एक महिला का व्यवसाय बढ़ता है, तो पूरे परिवार का भविष्य आगे बढ़ता है," प्रधानमंत्री मोदी ने निंगम्मा के उदाहरण के माध्यम से कहा।

इस आर्थिक उन्नति का सबसे बड़ा प्रभाव निंगम्मा के परिवार पर पड़ा है। व्यवसाय से होने वाली अतिरिक्त आय के माध्यम से, वह अब अपने तीन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं। प्रधानमंत्री ने निंगम्मा को महिला सशक्तिकरण का एक 'जीवंत उदाहरण' करार दिया, जो आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पीएमएस वनिधि योजना को रेहड़ी-पटरी वालों को औपचारिक ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, ताकि उन्हें साहूकारों के चंगुल से बचाया जा सके और उन्हें अपना छोटा व्यवसाय बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी मिल सके।

Did You Know?: पीएमएस वनिधि योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स को वित्तीय समावेशन के दायरे में लाना है।

Frequently Asked Questions

1. पीएमएस वनिधि योजना क्या है?
यह योजना रेहड़ी-पटरी वालों को अपना व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए बिना गारंटी के ऋण प्रदान करती है।

2. निंगम्मा के व्यवसाय में क्या बदलाव आए?
वित्तीय सहायता मिलने के बाद, उन्होंने थोक में सामान खरीदना शुरू किया और अपने मेनू में नए आइटम जोड़कर अपने ग्राहकों की संख्या बढ़ाई।