इंफोबिप की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) के उपयोग में 108% की वृद्धि हुई है, जिसमें वित्त और फिनटेक क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक है।
- भारत में RCS इंटरैक्शन में साल-दर-साल 108% की वृद्धि दर्ज की गई है।
- RCS ट्रैफिक का 80% हिस्सा अकेले फाइनेंस और फिनटेक सेक्टर से आता है।
- पारंपरिक SMS के मुकाबले RCS अधिक सुरक्षित, सत्यापित और इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करता है।
भारत के डिजिटल संचार परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। वैश्विक क्लाउड संचार प्लेटफॉर्म Infobip के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में Rich Communication Services (RCS) के उपयोग में 108% की जबरदस्त वृद्धि हुई है। यह वृद्धि 2025 की पहली छमाही से 2026 की पहली छमाही के बीच देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि भारतीय व्यवसाय अब साधारण टेक्स्ट मैसेज के बजाय अधिक समृद्ध और इंटरैक्टिव संचार माध्यमों की ओर बढ़ रहे हैं।
क्षेत्रीय विश्लेषण और प्रमुख रुझान
इस रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि भारत में होने वाले कुल RCS ट्रैफिक में से 80% से अधिक हिस्सा केवल फाइनेंस और फिनटेक कंपनियों का है। इसका मुख्य कारण इन क्षेत्रों में सुरक्षा, सत्यापित पहचान और तत्काल प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। इसके बाद मार्केटिंग ऑटोमेशन और टेक्नोलॉजी हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर सेक्टर का नंबर आता है।
पारंपरिक SMS की तुलना में, RCS ब्रांडों को सत्यापित पहचान (Verified Sender Identity), समृद्ध मीडिया (Rich Media), सुझावित उत्तर (Suggested Replies) और एक्शन बटन प्रदान करता है। इससे ग्राहकों को बिना किसी नए ऐप को डाउनलोड किए, सीधे अपने मैसेजिंग इनबॉक्स में ही एक ऐप जैसा अनुभव मिलता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत जैसे विशाल स्मार्टफोन उपयोगकर्ता आधार वाले देश में, RCS का बढ़ता चलन केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह 'ट्रस्ट इकोनॉमी' की ओर एक कदम है। जैसे-जैसे उपभोक्ता फिशिंग और स्पैम से बचने के लिए अधिक सतर्क हो रहे हैं, सत्यापित RCS संदेशों की मांग बढ़ेगी।
भारत में संदेश भेजने का तरीका अब केवल पहुंच (Reach) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास और मापने योग्य परिणामों की ओर बढ़ गया है।
वैश्विक स्तर पर भी यह रुझान स्पष्ट है। इन्फोबिप ने वैश्विक स्तर पर RCS बिजनेस ट्रैफिक में 165% की वृद्धि दर्ज की है। यह दर्शाता है कि दुनिया भर के ब्रांड अब ग्राहकों के साथ अधिक सार्थक और विजुअल बातचीत करने के लिए निवेश कर रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
RCS का विकास पारंपरिक SMS के विकल्प के रूप में हुआ है। जहां SMS केवल टेक्स्ट तक सीमित था, वहीं RCS ने इंटरनेट प्रोटोकॉल का उपयोग करके इमेज, वीडियो और बटनों जैसे फीचर्स को शामिल किया, जिससे यह व्हाट्सएप जैसे ओवर-द-टॉप (OTT) ऐप्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो गया है।
Frequently Asked Questions
1. RCS और SMS में क्या अंतर है?
SMS केवल टेक्स्ट भेज सकता है, जबकि RCS में आप हाई-डेफिनिशन फोटो, वीडियो, बटन और सत्यापित ब्रांड लोगो भेज सकते हैं।
2. फिनटेक कंपनियां RCS का उपयोग क्यों कर रही हैं?
सुरक्षा और विश्वसनीयता के कारण। RCS ग्राहकों को यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि संदेश वास्तव में उनके बैंक या वित्तीय संस्थान से आया है।