मैसूर दशहरा की तैयारियों के बीच नौ हाथियों के वजन की जांच की गई, जिसमें मथिगोडु कैंप के 57 वर्षीय श्रीकांता 5,790 किग्रा के साथ सबसे भारी निकले। जंबू सवारी के लिए अब इन हाथियों का गहन प्रशिक्षण शुरू होगा।

  • श्रीकांता 5,790 किलोग्राम वजन के साथ सबसे भारी हाथी घोषित।
  • कुल नौ हाथियों के स्वास्थ्य और फिटनेस की जांच के लिए वजन किया गया।
  • जंबू सवारी के लिए प्रशिक्षण 31 अगस्त से शुरू होगा।

कर्नाटक के सांस्कृतिक गौरव मैसूर दशहरा की तैयारियां जोरों पर हैं। जंबू सवारी के लिए मैसूर पहुंचे नौ हाथियों के स्वास्थ्य और फिटनेस का आकलन करने के लिए रविवार को वन विभाग द्वारा उनके वजन की जांच की गई। इस प्रक्रिया में मथिगोडु हाथी कैंप से आए 57 वर्षीय गजराज श्रीकांता सबसे भारी पाए गए, जिनका वजन 5,790 किलोग्राम दर्ज किया गया है।

वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में सभी हाथियों को एक वे-ब्रिज (weighbridge) पर ले जाया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी हाथी शारीरिक रूप से फिट हों और भव्य जुलूस में भाग लेने के लिए आवश्यक वजन और शक्ति बनाए रखें। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जबकि सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने इन विशालकाय जीवों को करीब से देखने और तस्वीरें लेने का आनंद लिया।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, हाथियों का वजन केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का संकेतक है। जंबू सवारी के दौरान भारी स्वर्ण हौदे को उठाने के लिए हाथियों का एक विशिष्ट वजन और मांसपेशियों की ताकत होना अनिवार्य है। यदि कोई हाथी कम वजन का होता है, तो उसे विशेष पोषण आहार दिया जाता है ताकि वह उत्सव के दबाव को झेल सके।

हाथी का नामवजन (किग्रा)
श्रीकांता5,790
एकलव्य5,600
धनंजय5,530
महेंद्र5,490
प्रशांत5,205
गोपी5,170

वजन के मामले में एकलव्य (5,600 किग्रा) और धनंजय (5,530 किग्रा) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, मादा हाथियों में लक्ष्मी और कावेरी का वजन क्रमशः 3,990 किग्रा और 3,075 किग्रा रहा। इन सभी हाथियों के लिए महल परिसर में अस्थायी आवास बनाए गए हैं, जहाँ उनके साथ उनके महावत और कावड़ियों के परिवारों के रहने की व्यवस्था है।

"हाथियों का नियमित वजन और पोषण प्रबंधन यह सुनिश्चित करता है कि वे उत्सव के तनाव और भारी वजन के बीच सुरक्षित और स्वस्थ रहें।"

अब ये हाथी 31 अगस्त से अपने नियमित प्रशिक्षण सत्र में प्रवेश करेंगे, जिसमें उन्हें भीड़, शोर और संगीत के बीच शांत रहने का अभ्यास कराया जाता है। उन्हें विशेष पोषक भोजन दिया जा रहा है ताकि उनकी फिटनेस का स्तर उच्चतम बना रहे।

क्या आप जानते हैं?: जंबू सवारी में मुख्य हाथी वह होता है जो स्वर्ण हौदे को ढोता है, और इसके लिए उसकी शारीरिक क्षमता और स्वभाव की कड़ी परीक्षा ली जाती है।

प्रश्न 1: जंबू सवारी के लिए हाथियों का वजन क्यों किया जाता है?
उत्तर: यह उनके स्वास्थ्य की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि वे स्वर्ण हौदे का भार उठाने के लिए पर्याप्त फिट हैं।

प्रश्न 2: सबसे भारी हाथी कौन है और वह कहाँ से आया है?
उत्तर: श्रीकांता सबसे भारी हाथी है (5,790 किग्रा), जो मथिगोडु हाथी कैंप से आया है।