आंध्र प्रदेश सरकार की एक पहल के तहत विशाखापत्तनम के 51 दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुफ्त तीन पहिया मोटर वाहन प्रदान किए गए हैं। इस वितरण का उद्देश्य शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे नागरिकों की गतिशीलता और स्वतंत्रता को बढ़ाना है।

  • विशाखापत्तनम जिले के 51 पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को मुफ्त मोटर वाहन मिले।
  • प्रत्येक वाहन की अनुमानित लागत लगभग ₹1.02 लाख है।
  • राज्य स्तर पर कुल 1,750 मोटराइज्ड स्कूटर वितरित किए जा रहे हैं।

विशाखापत्तनम के कलेक्टरेट परिसर में सोमवार को एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया, जहाँ राज्य सरकार की समावेशी विकास योजना के तहत 51 दिव्यांग व्यक्तियों को तीन पहिया मोटर वाहन सौंपे गए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद करना है।

इस वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक विष्णुकुमार राजू और वमसी कृष्णा श्रीनिवास, जिला राजस्व अधिकारी एम. विस्वेश्वर नायडू और दिव्यांग व्यक्तियों के विभाग की सहायक निदेशक कविता ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उपस्थित जन प्रतिनिधियों ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

विधायक विष्णुकुमार राजू ने जानकारी दी कि प्रत्येक वाहन की कीमत लगभग ₹1.02 लाख है, जो सरकार द्वारा वहन की गई है। विभाग की सहायक निदेशक कविता ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों के लिए 60 वाहनों की मंजूरी दी गई थी। कुल 79 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से गहन जांच के बाद 51 पात्र लाभार्थियों का चयन किया गया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such initiatives are not merely charitable acts but critical steps toward economic empowerment. When a person with a disability gains mobility, their access to education, employment, and healthcare increases exponentially, reducing the socio-economic burden on the family and the state.

"Mobility is the first step toward dignity; providing motorized transport to the disabled is an investment in human capital."

राज्य दिव्यांग व्यक्तियों निगम के अध्यक्ष गडुपुटी नारायणस्वामी ने व्यापक योजना का खुलासा करते हुए बताया कि पूरे आंध्र प्रदेश में कुल 1,750 मोटराइज्ड स्कूटर वितरित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए 10 वाहनों का कोटा निर्धारित किया गया है, ताकि वितरण में क्षेत्रीय संतुलन बना रहे।

विधायक वमसी कृष्णा श्रीनिवास ने आश्वासन दिया कि भविष्य में अन्य पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाएगी और उन्हें भी इस योजना का लाभ दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। यह कदम राज्य में दिव्यांगों के लिए एक बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: सहायक तकनीक (Assistive Technology) न केवल गतिशीलता बढ़ाती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर दिव्यांग व्यक्तियों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है।
विवरणआंकड़े/विवरण
कुल लाभार्थी (विशाखापत्तनम)51 व्यक्ति
वाहन की प्रति इकाई लागत₹1.02 लाख
राज्यव्यापी कुल वितरण लक्ष्य1,750 स्कूटर
आवेदन प्राप्त हुए79

Frequently Asked Questions

1. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को स्वतंत्र जीवन जीने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

2. क्या यह योजना केवल विशाखापत्तनम तक सीमित है?
नहीं, यह एक राज्यव्यापी पहल है जिसके तहत पूरे आंध्र प्रदेश में 1,750 वाहन वितरित किए जा रहे हैं।