हरियाणा के करनाल निवासी 21 वर्षीय राजीव का शव 18 दिन बाद अर्मेनिया से भारत पहुंचा। कर्ज लेकर बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गए युवक की अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
- करनाल के गांव बस्तली निवासी 21 वर्षीय राजीव की अर्मेनिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
- वर्ष 2022 में परिवार ने कर्ज लेकर राजीव को रोजगार के लिए विदेश भेजा था।
- मुख्यमंत्री हरियाणा के हस्तक्षेप के बाद 18 दिनों में शव भारत लाया गया।
हरियाणा के करनाल जिले के गांव बस्तली से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां अर्मेनिया में काम कर रहे 21 वर्षीय युवक राजीव की मौत हो गई। सोमवार को राजीव का पार्थिव शरीर 18 दिनों के लंबे इंतजार के बाद उसके पैतृक गांव पहुंचा, जहां हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव और परिजन राजीव की असमय मृत्यु पर विलाप करते नजर आए।
घटनाक्रम के अनुसार, राजीव के रूममेट ने परिवार को सूचित किया कि काम से लौटने के बाद उसने राजीव को बेड पर लेटा हुआ पाया। जब उसने उसे जगाने की कोशिश की, तो पता चला कि उसकी सांसें थम चुकी हैं। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे मृत घोषित कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि राजीव शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ था और घटना वाले दिन भी उसने अपने परिवार से बातचीत की थी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह घटना उन हजारों युवाओं की त्रासदी को दर्शाती है जो आर्थिक तंगी के कारण कर्ज लेकर विदेशों में कम वेतन वाली नौकरियों के लिए जाते हैं। अक्सर इन युवाओं को वहां मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और कानूनी सुरक्षा का अभाव होता है, जिससे आपातकालीन स्थिति में परिवार असहाय महसूस करते हैं।
"बिना उचित बीमा और आधिकारिक वर्क वीजा के विदेश जाना युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, खासकर जब वहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित हो।"
राजीव का परिवार पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा था। उसके पिता का देहांत हो चुका था और परिवार की उम्मीदें राजीव और उसके बड़े भाई अभिषेक पर टिकी थीं। वर्ष 2022 में परिवार ने भारी कर्ज उठाकर राजीव को अर्मेनिया भेजा था ताकि वह घर बनवाने और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सके। राजीव नियमित रूप से घर पर बन रहे मकान की तस्वीरें मांगता था और अपने सपनों को साकार करने की कोशिश कर रहा था।
शव को भारत वापस लाने की प्रक्रिया काफी जटिल थी। परिजनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री हरियाणा से मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द शव को वतन वापस लाया जाएगा। सरकार के सहयोग के बाद आखिरकार 11 दिनों के प्रशासनिक प्रयास और कुल 18 दिनों के अंतराल के बाद शव घर पहुंचा।
Frequently Asked Questions
1. राजीव की मौत का कारण क्या था?
अभी तक मौत के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है; वह अपने कमरे में बेड पर मृत पाया गया था।
2. शव को वापस लाने में सरकार ने क्या भूमिका निभाई?
परिजनों के मुख्यमंत्री हरियाणा से मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप शव को भारत लाया जा सका।