दिल्ली के मौजपुर में एक प्लेस्कूल को सुरक्षा और भवन नियमों के उल्लंघन के कारण सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक तीन वर्षीय बच्चे के साथ हुए शारीरिक और यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज मामले के कुछ दिनों बाद की गई है।

  • मौजपुर स्थित प्लेस्कूल को अग्नि सुरक्षा और भवन प्रमाणपत्र न होने के कारण सील किया गया।
  • 3 साल के बच्चे को कुर्सी से बांधकर पीटने और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप।
  • स्कूल के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षक और केयरटेकर के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज।
  • बेसमेंट में कक्षाएं चलाना और घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया गया।

दिल्ली सरकार ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में स्थित एक प्लेस्कूल और डेकेयर सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे पूरी तरह सील कर दिया है। यह कदम आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 और दिल्ली अग्नि सेवा अधिनियम 2007 के तहत उठाया गया है। यमुना विहार उप-मंडल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल प्रशासन किसी भी अनिवार्य कानूनी दस्तावेज को पेश करने में विफल रहा।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्कूल के पास न तो फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट था और न ही भवन की स्वीकृत योजना (Sanctioned Building Plan)। सबसे भयावह बात यह थी कि आपातकालीन निकास और सीढ़ियां अवरुद्ध थीं, और परिसर में मौजूद एकमात्र अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) खराब था। इसके अलावा, बिना अनुमति के बोरवेल का उपयोग किया जा रहा था और बेसमेंट का उपयोग अवैध रूप से कक्षाओं के लिए किया जा रहा था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this incident highlights a systemic failure in the regulation of private pre-schools in urban clusters. The operation of commercial educational centers in residential areas without basic safety audits creates a 'death trap' for toddlers. When administrative negligence meets criminal intent, as seen in the assault case, the consequences are catastrophic for child safety.

"The lack of basic fire safety and the use of basements for classrooms in residential zones indicate a complete disregard for child life and municipal laws."

यह प्रशासनिक कार्रवाई उस समय हुई जब एक तीन वर्षीय बच्चे के साथ हुए बर्बर व्यवहार की खबरें सामने आईं। बच्चे के पिता का आरोप है कि CCTV फुटेज में उनके बेटे को लगभग तीन घंटे तक कुर्सी से बंधा हुआ देखा गया, जिसे बार-बार पीटा और लात मारी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक व्यक्ति बच्चे के निजी अंगों को छूता हुआ दिखाई दिया, जिससे बच्चा गहरे सदमे में है।

पुलिस ने जाफराबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक एक केयरटेकर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। GTB अस्पताल में हुए मेडिकल परीक्षण में बच्चे की बाईं जांघ पर सूजन और आंख के पास खरोंच पाई गई है।

क्या आप जानते हैं?: दिल्ली नगर निगम के नियमों के अनुसार, किसी भी शैक्षणिक संस्थान को चलाने के लिए 'ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट' अनिवार्य है, जिसके बिना संचालन करना कानूनी अपराध है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: प्लेस्कूल के खिलाफ कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?
उत्तर: स्कूल प्रशासन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 3(5) के साथ-साथ POCSO एक्ट की धारा 12 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट लगाया गया है।

प्रश्न 2: सुरक्षा निरीक्षण में मुख्य रूप से क्या कमियां पाई गईं?
उत्तर: फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट का अभाव, ब्लॉक किए गए इमरजेंसी एग्जिट, बेसमेंट में अवैध कक्षाएं और घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग।