गुंटूर नगर निगम ने शहर की नालियों में जमा भारी मात्रा में प्लास्टिक और कचरे को हटाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने लगभग 100 हॉटस्पॉट की पहचान की है जहां जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित थी।
- गुंटूर नगर निगम (GMC) ने 3,130 किमी से अधिक लंबे ड्रेनेज नेटवर्क की सफाई शुरू की है।
- लगभग 100 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जहाँ प्लास्टिक का भारी जमाव था।
- सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद, पानी की बोतलों जैसे गैर-प्रतिबंधित प्लास्टिक ने गंभीर समस्या पैदा की है।
गुंटूर में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। 'द हिंदू' द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद, जिसमें शहर की नालियों में प्लास्टिक के ढेर का खुलासा किया गया था, गुंटूर नगर निगम (GMC) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काकनी रोड स्थित बसवतारका नगर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान तेज कर दिया है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर का ड्रेनेज नेटवर्क 3,130 किलोमीटर से अधिक विस्तृत है। इस विशाल नेटवर्क में प्लास्टिक कचरा, गाद (silt) और अन्य मलबे के जमा होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था, जिससे मानसून के दौरान शहरी बाढ़ (urban flooding) का खतरा बढ़ गया था। अधिकारियों ने शहर भर में लगभग 100 ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान की है जहाँ प्लास्टिक का संचय सबसे अधिक था और वर्तमान में शेष हिस्सों में सफाई कार्य जारी है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह समस्या केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि नागरिक अनुशासन की कमी को भी उजागर करती है। जब ड्रेनेज सिस्टम प्लास्टिक से भर जाता है, तो यह न केवल जलभराव का कारण बनता है, बल्कि मच्छरों के प्रजनन और संक्रामक रोगों के प्रसार के लिए एक प्रजनन स्थल बन जाता है। यह अभियान मानसून की तैयारी के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
"शहरी बुनियादी ढांचे का रखरखाव केवल सफाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्लास्टिक के स्रोत पर नियंत्रण और सख्त अपशिष्ट प्रबंधन नीतियों की आवश्यकता है।"
जीएमसी आयुक्त के. मयूर अशोक ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद, कचरा नालियों में जमा होना जारी है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पानी की बोतलें, जो प्रतिबंध की श्रेणी में नहीं आती हैं, ड्रेनेज सिस्टम को ब्लॉक करने का मुख्य कारण बन रही हैं।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें। प्रशासन का मानना है कि यदि निवासी कचरे को सही तरीके से डिस्पोज करेंगे, तो मानसून के दौरान बारिश के पानी का प्रवाह सुचारू रहेगा और शहर को जलभराव की समस्या से बचाया जा सकेगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: गुंटूर नगर निगम ने किन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है?
उत्तर: निगम ने काकनी रोड पर बसवतारका नगर सहित लगभग 100 ऐसे हॉटस्पॉट्स की पहचान की है जहाँ प्लास्टिक का भारी जमाव था।
प्रश्न 2: प्लास्टिक प्रतिबंध के बावजूद नालियों में कचरा कैसे पहुँच रहा है?
उत्तर: आयुक्त के अनुसार, पानी की बोतलों जैसे कुछ प्लास्टिक उत्पाद प्रतिबंधित नहीं हैं, और लापरवाही के कारण ये नालियों में जमा हो रहे हैं।