कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने राज्यव्यापी अभियान चलाकर भारी मात्रा में एक्सपायर्ड और गलत लेबल वाले मिठाइयों को जब्त किया है, साथ ही स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर 6 इकाइयों को बंद कर दिया है।
- कर्नाटक भर में सैकड़ों किलो एक्सपायर्ड मिठाई, खोया और दही जब्त।
- अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों और लाइसेंस की कमी के कारण 6 निर्माण इकाइयां अस्थायी रूप से बंद।
- FSSAI लोगो की अनुपस्थिति, एक्सपायर्ड सामग्री और मक्खियों के संक्रमण जैसे गंभीर उल्लंघन पाए गए।
जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के उद्देश्य से, कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य भर में मिठाई निर्माण इकाइयों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यू टी खादर के निर्देशों के बाद, अधिकारियों ने बेंगलुरु, मैसूरु, दक्षिण कन्नड़, बेलगावी, कलबुर्गि और हुबली-धारवाड़ में छापेमारी की।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई इन जांचों में लापरवाही का एक चिंताजनक पैटर्न सामने आया है। अधिकारियों ने खाना पकाने के तेल, दालों, जलेबी, मैसूर पाक और खोया सहित विभिन्न उत्पादों को जब्त किया है। इन नमूनों को सरकारी प्रयोगशालाओं में भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं।
प्रमुख जब्ती और बंदी
उल्लंघनों का पैमाना बेंगलुरु में स्पष्ट रूप से देखा गया, जहाँ बालाजी मिल्क खोया से 400 किलो खोया और कलाकंद जब्त किया गया, क्योंकि वहां निर्माण तिथि और FSSAI पंजीकरण जैसी अनिवार्य जानकारी का पूरी तरह अभाव था। इसी तरह, यशवंतपुर की आशा स्वीट्स से 49 किलो चाय पाउडर और 20 किलो खोया जब्त किया गया।
कई इकाइयों में स्वच्छता का स्तर बेहद खराब था। लाल स्वीट्स प्राइवेट लिमिटेड में मक्खियों का संक्रमण पाया गया और केले के चिप्स तथा चकली मसाला पर अनिवार्य लेबलिंग नहीं थी। मंगलुरु में, स्वागत स्वीट्स को बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित करने और अस्वास्थ्यकर परिसर के कारण तुरंत बंद कर दिया गया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन उल्लंघनों की पुनरावृत्ति मध्यम आकार की मिठाई इकाइयों के बीच आत्म-नियमन की प्रणालीगत विफलता को दर्शाती है। अनधिकृत कृत्रिम रंगों का उपयोग और एक्सपायर्ड कच्चे माल का भंडारण उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खाद्य जनित बीमारियों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा पैदा करता है।
"बैच नंबर और समाप्ति तिथि जैसी बुनियादी ट्रेसिबिलिटी का अभाव केवल एक लिपिकीय त्रुटि नहीं है; यह सामूहिक संदूषण की स्थिति में उपभोक्ता सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।"
बेलगावी में A1 पुरोहित से 10 किलो एक्सपायर्ड चॉकलेट फ्लेवर जब्त किया गया, जबकि मैसूरु में वर्ड ऑफ मैसूर पैक से 360 किलो से अधिक रेडी-टू-ईट नमकीन जब्त किए गए। राज्य भर में जब्त किए गए सामानों का कुल अनुमानित मूल्य काफी अधिक है, जो जनता की खपत के लिए तैयार घटिया खाद्य पदार्थों की मात्रा को दर्शाता है।
| व्यवसाय का नाम | मुख्य उल्लंघन | की गई कार्रवाई |
|---|---|---|
| बालाजी मिल्क खोया | FSSAI/एक्सपायरी लेबल नहीं | 400 किलो जब्त |
| स्वागत स्वीट्स | लाइसेंस नहीं/अस्वास्थ्यकर | इकाई बंद |
| लाल स्वीट्स प्राइवेट लिमिटेड | मक्खियों का संक्रमण | उत्पाद जब्त |
| बिकानेर स्वीट्स | लेबलिंग में कमी | इकाई बंद |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: FSSAI मानदंडों का उल्लंघन करने वाले खाद्य व्यवसायों के लिए क्या कानूनी परिणाम हैं?
व्यवसायों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, उनकी इकाइयों को अस्थायी या स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है, और खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है।
प्रश्न 2: उपभोक्ता कैसे पहचान सकते हैं कि मिठाई का उत्पाद सुरक्षित है?
हमेशा पैकेजिंग पर FSSAI लोगो, स्पष्ट 'उपयोग की तिथि' या 'समाप्ति तिथि', निर्माता का पता और बैच नंबर की जांच करें।