केरल पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने के लिए एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया है। आईजी पुट्टा विमलादित्य ने अफगानिस्तान, ओमान और थाईलैंड के साथ संदिग्ध संबंधों की पुष्टि की है।

  • केरल पुलिस अब विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों और उनके नेटवर्क का डेटाबेस तैयार कर रही है।
  • 'ऑपरेशन तूफान' के तहत अब तक 10,100 से अधिक गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
  • जांच का मुख्य केंद्र अब केवल ड्रग्स पकड़ने वालों पर नहीं, बल्कि उनके फाइनेंसर और मुख्य सप्लायर्स पर है।

केरल पुलिस ने राज्य में नशीली दवाओं के प्रसार को रोकने के लिए एक आक्रामक रणनीति अपनाई है। इंस्पेक्टर जनरल (IG) पुट्टा विमलादित्य ने खुलासा किया है कि पुलिस अब उन भगोड़ों और ड्रग सप्लायर्स की सूची तैयार कर रही है जो देश की सीमाओं से बाहर बैठकर अपना काला कारोबार चला रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल स्थानीय स्तर पर ड्रग्स की बिक्री रोकना है, बल्कि उन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना है जो केरल को अपना बाजार बना रहे हैं।

आईजी विमलादित्य, जो राज्य के एंटी-नारकोटिक्स अभियान 'ऑपरेशन तूफान' के नोडल अधिकारी भी हैं, ने बताया कि पुलिस टीम केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। जांचकर्ताओं ने पाया है कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला में अफगानिस्तान, ओमान और थाईलैंड जैसे देशों के संदिग्ध लिंक शामिल हो सकते हैं। इन देशों से आने वाले संदिग्ध शिपमेंट और वित्तीय लेनदेन की गहनता से जांच की जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the shift from arresting low-level peddlers to targeting international financiers marks a strategic pivot in Kerala's law enforcement. By focusing on the 'head' of the snake—the financiers and overseas kingpins—the police are attempting to collapse the economic incentive of drug trafficking in the region.

आंकड़ों की बात करें तो, इस विशेष अभियान के परिणामस्वरूप व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों से संबंधित 165 मामले और मध्यम मात्रा के 395 मामले दर्ज किए गए हैं। अब तक NDPS अधिनियम के तहत लगभग 10,100 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने PIT-NDPS अधिनियम के तहत निवारक कार्यवाही भी शुरू की है ताकि आदतन अपराधियों को समाज से अलग रखा जा सके।

"ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को तोड़ना ही स्थायी समाधान है।"

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि 32 प्रमुख मामलों की जांच के बाद उन लोगों की पहचान की गई है जो इस व्यापार को फंड कर रहे हैं। इसके अलावा, जनता का समर्थन इस अभियान में निर्णायक साबित हुआ है। पुलिस को 10,000 से अधिक कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनमें स्थानीय स्तर पर ड्रग्स की गतिविधियों की जानकारी दी गई है।

अगले चरण की योजना के बारे में बात करते हुए, आईजी ने कहा कि अगले महीने से परामर्श (counselling) और पुनर्वास (rehabilitation) पहल शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए मैराथन जैसे खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा ताकि युवाओं को नशे की लत से दूर रखा जा सके।

क्या आप जानते हैं?: PIT-NDPS अधिनियम पुलिस को उन व्यक्तियों को हिरासत में लेने की शक्ति देता है जो नशीली दवाओं के अवैध व्यापार में शामिल होने की संभावना रखते हैं, भले ही उनके खिलाफ तत्काल कोई नया मामला दर्ज न हो।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'ऑपरेशन तूफान' क्या है?
उत्तर: यह केरल पुलिस द्वारा चलाया गया एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य राज्य में नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करना और तस्करों को गिरफ्तार करना है।

प्रश्न 2: किन देशों के साथ ड्रग लिंक की जांच की जा रही है?
उत्तर: पुलिस मुख्य रूप से अफगानिस्तान, ओमान और थाईलैंड के संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति नेटवर्क की जांच कर रही है।