कोझिकोड नगर निगम सेंट्रल मार्केट के आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत केंद्रीय फंड को बचाने के लिए अगले सप्ताह एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा। मेयर ओ. सदाशिवन ने परियोजना में तेजी लाने और वित्तीय नुकसान को रोकने का भरोसा दिलाया है।

  • सेंट्रल मार्केट के आधुनिकीकरण के लिए केंद्रीय फंड के विचलन का खतरा।
  • मेयर ओ. सदाशिवन ने फंड बचाने और परियोजना में तेजी लाने का आश्वासन दिया।
  • शहर के होटलों में कीमतों की असमानता और पावांगड फ्लाईओवर के काम में बाधा पर भी चर्चा।

कोझिकोड नगर निगम के मेयर ओ. सदाशिवन ने नगर परिषद को आश्वासन दिया है कि शहर के सेंट्रल मार्केट के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत धन को किसी भी कीमत पर खोने नहीं दिया जाएगा। सोमवार को आयोजित परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई, जिसके बाद मेयर ने घोषणा की कि इस मामले के समाधान के लिए अगले सप्ताह एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी।

इस गंभीर मुद्दे को भाजपा पार्षद एन. शिवप्रसाद ने उठाया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए चिंता जताई कि यदि कोझिकोड सेंट्रल मार्केट के आधुनिकीकरण में और देरी होती है, तो यह फंड कोट्टक्कल नगर पालिका की ओर मोड़ा जा सकता है। शिवप्रसाद ने निगम अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा और चेतावनी दी कि प्रशासनिक सुस्ती शहर के विकास के लिए हानिकारक हो सकती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the potential diversion of funds highlights a critical gap in project execution and inter-departmental coordination within the Kozhikode Corporation. If the funds are shifted to another municipality, it would not only be a financial loss but a significant blow to the urban infrastructure goals of the city.

"Infrastructure delays in urban hubs often lead to funding lapses, making proactive administrative intervention crucial to prevent capital flight to other regions."

मेयर सदाशिवन ने स्पष्ट किया कि निगम को अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने बताया कि उन्होंने फैसल बाबू, विधायक के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है और वे यह सुनिश्चित करेंगे कि परियोजना को जल्द से जल्द गति दी जाए।

बैठक के दौरान अन्य नागरिक मुद्दे भी सामने आए। पार्षद एम.एम. लता ने शहर के होटलों में भोजन की कीमतों में भारी असमानता का मुद्दा उठाया। मेयर ने इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर कीमतों में एकरूपता लाएं। विपक्षी नेता एस.वी. मोहम्मद शमील थंगल ने आरोप लगाया कि बाहर से आने वाले पर्यटकों से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, पावांगड फ्लाईओवर के अप्रोच रोड के निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई। केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) ने भूमिगत बिजली केबलों के कारण काम रोकने का नोटिस दिया था। पार्षद वी.पी. मनोज के हस्तक्षेप के बाद, मेयर की उपस्थिति में एक संयुक्त बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया ताकि निर्माण कार्य पुनः शुरू हो सके।

क्या आप जानते हैं?: शहरी विकास परियोजनाओं में 'फंड डायवर्जन' तब होता है जब निर्धारित समय सीमा के भीतर धन का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे सरकार उस राशि को अन्य पात्र परियोजनाओं में स्थानांतरित कर देती है।

Frequently Asked Questions

1. सेंट्रल मार्केट फंड के विचलन का खतरा क्यों है?
परियोजना के कार्यान्वयन में देरी के कारण ऐसी आशंका है कि केंद्र सरकार इस फंड को कोट्टक्कल नगर पालिका को स्थानांतरित कर सकती है।

2. पावांगड फ्लाईओवर का काम क्यों रुका है?
KSEB ने नोटिस दिया है कि निर्माण स्थल के नीचे से बिजली की महत्वपूर्ण केबलें गुजर रही हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता है।