दिल्ली के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है, जिसमें लगभग 33% मतदाता बाहर हो गए हैं। प्रभावित नागरिक 30 सितंबर तक फॉर्म 6 भरकर अपना नाम पुनः जुड़वा सकते हैं।

  • दिल्ली के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47.7 लाख के नाम ड्राफ्ट रोल से हटा दिए गए हैं।
  • नाम हटाने की दर 33% है, जो देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक है।
  • नामांकन के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर है; अंतिम सूची 4 नवंबर को जारी होगी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सोमवार को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार, शहर के कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह संख्या दिल्ली की कुल मतदाता आबादी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम इस ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 भरकर 30 सितंबर तक अपना दावा पेश कर सकते हैं। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए एक अंतिम अवसर है जो तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से सूची से बाहर हो गए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, दिल्ली में इतनी बड़ी संख्या में नामों का कटना चुनावी राजनीति और जनसांख्यिकी पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। दिल्ली की 'फ्लोटिंग पॉपुलेशन' (अस्थायी निवासी) की अधिकता इस उच्च विलोपन दर का मुख्य कारण मानी जा रही है। यदि लाखों मतदाता समय पर अपना नाम वापस नहीं जुड़वाते हैं, तो आगामी चुनावों में मतदान प्रतिशत और जनादेश पर असर पड़ना तय है।

"दिल्ली की गतिशील जनसंख्या और लगातार होने वाले प्रवास के कारण मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक था, लेकिन 33% की गिरावट प्रशासनिक चुनौती को भी दर्शाती है।"

इस अभियान के तहत 30 जून से 17 अगस्त तक घर-घर जाकर गणना की गई। इस दौरान 97.5 लाख मतदाताओं के फॉर्म डिजिटल किए गए, जबकि शेष 47.7 लाख को ASDDO (Absent, Shifted, Dead, Duplicate and Others) श्रेणी में डालकर बाहर कर दिया गया।

क्षेत्र (Constituency) डिजिटलीकरण दर (%) स्थिति
रोहिणी (उत्तर-पश्चिम) 83.43% उच्चतम
तुघलकाबाद (दक्षिण-पूर्व) 52.15% न्यूनतम

निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावों और आपत्तियों की जांच 29 अक्टूबर तक चलेगी, जिसके बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

क्या आप जानते हैं?: दिल्ली भारत का एकमात्र ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जहाँ विधानसभा चुनाव होते हैं, जिससे यहाँ की मतदाता सूची का सटीक होना लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मैं कैसे जांच सकता हूँ कि मेरा नाम मतदाता सूची में है या नहीं?
उत्तर: आप चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं।

प्रश्न 2: यदि मेरा नाम सूची से हट गया है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आपको 30 सितंबर तक सहायक दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 भरना होगा।