बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को कचरे के उचित पृथक्करण और डोर-टू-डोर संग्रह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाली भूखंडों के मालिकों को नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया।

  • मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने बेंगलुरु उत्तर नगर निगम (BNCC) में सुबह 5:30 बजे औचक निरीक्षण किया।
  • गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और डोर-टू-डोर संग्रह पर सख्त निर्देश दिए गए।
  • सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि वे निवासियों के इंतजार के बजाय गेट पर रखे कचरे को उठाएं।
  • गंदगी फैलाने वाले खाली भूखंडों के मालिकों को नोटिस जारी करने के आदेश।

शहरी स्वच्छता की चुनौतियों से निपटने के लिए एक कड़ा कदम उठाते हुए, बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने सोमवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का व्यापक औचक निरीक्षण किया। BNCC आयुक्त पोममाला सुनील कुमार के साथ, मंत्री ने सुबह 5:30 बजे अपना निरीक्षण शुरू किया, ताकि शहर के जागने से पहले जमीनी हकीकत का पता लगाया जा सके।

निरीक्षण का मुख्य केंद्र मल्लासंद्रा और जलाहल्ली वार्ड रहे। दशहराहल्ली डिवीजन के मल्लासंद्रा ऑटो मस्टेरिंग पॉइंट पर, मंत्री ने ड्राइवरों और सहायकों की उपस्थिति की जांच की और कचरा संग्रहण ऑटो के स्कैनिंग और कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सफाई कर्मचारी उचित वर्दी और दस्ताने पहनें, क्योंकि श्रमिकों की सुरक्षा परिचालन दक्षता के लिए अनिवार्य है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बेंगलुरु का अपशिष्ट प्रबंधन लंबे समय से 'लास्ट-माइल' संग्रह और स्रोत पर पृथक्करण की कमी से जूझ रहा है। कचरा संग्रहण के लिए 'इंतजार करने' के बजाय 'गेट-ड्रॉप' सिस्टम अपनाने से संग्रह चक्र की गति बढ़ेगी। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और कचरे की बढ़ती मात्रा को देखते हुए यह प्रणालीगत बदलाव अत्यंत आवश्यक है।

पौरकर्मिकों (सफाई कर्मचारियों) के साथ बातचीत के दौरान, श्री गौड़ा ने उनकी शिकायतों को सुना और उनके सामने आने वाली सामाजिक और शारीरिक चुनौतियों को समझा। उन्होंने निर्देश दिया कि जो निवासी संग्रह समय के दौरान घर पर नहीं होते हैं, वे अपने पृथक कचरे को गेट पर एक निर्धारित स्थान पर रखें, ताकि आवारा जानवर उसे फैला न सकें।

"उच्च-घनत्व वाले शहरी क्षेत्रों में कचरा लॉजिस्टिक्स को अनुकूलित करने का एकमात्र तरीका 'वेट-एंड-कलेक्ट' मॉडल से 'डेजिग्नेटेड-ड्रॉप' मॉडल की ओर बढ़ना है।"

मंत्री ने निजी संपत्तियों की अनदेखी करने वालों को भी नहीं बख्शा। कई खाली भूखंडों को कचरा डंपिंग ग्राउंड में बदला हुआ पाकर, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तुरंत मालिकों को नोटिस जारी करें और सफाई सुनिश्चित करें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: बेंगलुरु पिछले एक दशक से कचरा प्रबंधन के संकट से जूझ रहा है, जिसमें लैंडफिल में आग लगना और विकेंद्रीकृत कंपोस्टिंग इकाइयों की विफलता शामिल है। वर्तमान प्रशासन का 'स्रोत पृथक्करण' पर जोर शहर के लैंडफिल के बोझ को कम करने और सर्कुलर इकोनॉमी की ओर बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है।

क्या आप जानते हैं?: बेंगलुरु रोजाना हजारों टन कचरा पैदा करता है, और स्रोत पर पृथक्करण (गीले और सूखे कचरे को अलग करना) लैंडफिल की मात्रा को 50% तक कम कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: कचरा संग्रहण के संबंध में निवासियों के लिए नया निर्देश क्या है?
जो निवासी संग्रह समय पर उपलब्ध नहीं होते, उन्हें सलाह दी गई है कि वे पृथक कचरे को गेट पर निर्धारित स्थान या ऊंचे रेलिंग पर रखें ताकि जानवर उसे न फैलाएं।

प्रश्न 2: डंपिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले खाली भूखंडों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है?
BNCC अधिकारियों को ऐसे भूखंडों के मालिकों को औपचारिक नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है ताकि तुरंत सफाई सुनिश्चित की जा सके।