केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने अरूर-एडपल्ली NH 66 बाईपास की बदहाली पर स्वतः संज्ञान लेते हुए NHAI को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं। आयोग ने जिला कलेक्टर और इंजीनियरों से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक रिपोर्ट मांगी है।

  • SHRC ने NHAI को अरूर-एडपल्ली NH 66 बाईपास के गड्ढों को भरने और रीसरफेसिंग का निर्देश दिया।
  • जिला कलेक्टर और कार्यकारी इंजीनियरों को अक्टूबर के पहले सप्ताह तक 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' जमा करनी होगी।
  • व्यटिला रेलवे ओवरब्रिज और कुम्बलम-अरूर पुल सहित कई महत्वपूर्ण हिस्सों की स्थिति अत्यंत जर्जर है।

कोच्चि: केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को अरूर-व्यटिला-पलरिवट्टम NH 66 बाईपास के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत करने का आदेश दिया है। यह कदम इस व्यस्त कॉरिडोर पर गड्ढों के कारण होने वाली गंभीर यातायात बाधाओं और दुर्घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है।

आयोग के अध्यक्ष अलेक्जेंडर थॉमस ने समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए यह मामला दर्ज किया। रिपोर्टों में बताया गया है कि व्यटिला रेलवे ओवरब्रिज (पोनुरुन्नी की ओर) और कुम्बलम-अरूर पुल पर गड्ढों की भरमार है, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसके अलावा, पनंगड-कुम्बलम पुल और नेत्तूर-कुंदनूर पुल के अप्रोच रोड के साथ-साथ मदवाना के पास की सड़क भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह 16 किलोमीटर लंबा बाईपास केरल के सबसे व्यस्त राजमार्ग खंडों में से एक है। बुनियादी ढांचे की यह विफलता न केवल यात्रा के समय को बढ़ा रही है, बल्कि यह सीधे तौर पर नागरिकों के 'सुरक्षित आवागमन के अधिकार' का उल्लंघन है। जब एक प्रमुख आर्थिक धमनी इतनी बदहाल हो जाती है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ता है।

"बुनियादी ढांचे का रखरखाव केवल एक इंजीनियरिंग कार्य नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा और मानवाधिकारों के संरक्षण से जुड़ा एक अनिवार्य दायित्व है।"

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिला कलेक्टर संबंधित एजेंसी की पहचान कर उन्हें आवश्यक निर्देश दें, जबकि संबंधित इंजीनियर साइट का निरीक्षण कर रीसरफेसिंग कार्य शुरू करें। अधिकारियों को 23 अक्टूबर को पथडीपलम स्थित PWD रेस्ट हाउस में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।

स्थानीय निवासियों, ट्रैफिक पुलिस और गैर सरकारी संगठनों (NGOs) ने लंबे समय से इस मार्ग की मरम्मत में हो रही देरी पर चिंता जताई थी। गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले ही SHRC ने PWD (NH विंग) को कुंदनूर-थेवरा पुल की मरम्मत के निर्देश दिए थे, जो सड़क प्रशासन के प्रति आयोग के सख्त रुख को दर्शाता है।

क्या आप जानते हैं?: अरूर-एडपल्ली बाईपास को केरल के सबसे व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों में गिना जाता है, जो कोच्चि शहर के भीतर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Frequently Asked Questions

1. SHRC ने यह आदेश क्यों दिया?
समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर, जहाँ सड़क के गड्ढों और क्षतिग्रस्त पुलों के कारण दुर्घटनाएं और भारी ट्रैफिक जाम हो रहा था।

2. अधिकारियों को रिपोर्ट कब तक जमा करनी है?
जिला कलेक्टर और कार्यकारी इंजीनियरों को अक्टूबर के पहले सप्ताह तक अपनी कार्रवाई रिपोर्ट (Action-Taken Report) जमा करनी होगी।