तेलंगाना आबकारी विभाग ने अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया है, जिसके तहत दो महीनों में हजारों गिरफ्तारियां की गई हैं और करोड़ों का माल जब्त किया गया है।
- दो महीनों में 3,086 मामले दर्ज और 2,707 लोग गिरफ्तार।
- 487 वाहनों की जब्ती और 50 लाख रुपये मूल्य की शराब बरामद।
- 4 करोड़ रुपये मूल्य के 872 किलोग्राम गांजा जब्त।
हैदराबाद स्थित तेलंगाना आबकारी विभाग ने गैर-शुल्क भुगतान शराब (NDPL) और अवैध रूप से आसवित शराब के खिलाफ अपने अभियान को तेज कर दिया है। पिछले दो महीनों के आंकड़ों के अनुसार, विभाग ने कुल 3,086 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से पिछले महीने 1,646 और वर्तमान महीने में 1,420 मामले शामिल हैं। इस सघन अभियान के दौरान 2,707 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस अभियान की सफलता के पीछे स्थानीय आबकारी स्टेशनों के निरीक्षकों, उप-निरीक्षकों, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), प्रवर्तन और जिला टास्क फोर्स टीमों का समन्वित प्रयास रहा है। अधिकारियों ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है जहाँ अवैध शराब का उत्पादन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
अवैध उत्पादन पर प्रहार
जुलाई महीने में अधिकारियों ने 6,074 लीटर अवैध शराब जब्त की और 90,740 लीटर गुड़ वॉश (jaggery wash) को नष्ट किया। अगस्त में भी यह कार्रवाई जारी रही, जहाँ 5,010 लीटर अवैध शराब जब्त की गई और लगभग 73,480 लीटर शराब बनाने की क्षमता वाले गुड़ वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। साथ ही, भारी मात्रा में गुड़ भी जब्त किया गया है जिसका उपयोग शराब बनाने में किया जाता था।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तेलंगाना सरकार अब केवल स्थानीय उत्पादकों पर ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर भी प्रहार कर रही है। दिल्ली, हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों से कम कीमत पर शराब लाकर तेलंगाना में बेचना एक बड़ा संगठित अपराध बनता जा रहा है। इस कार्रवाई से राज्य के राजस्व की हानि को रोकने और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।
"अवैध शराब का उत्पादन न केवल राजस्व की चोरी है, बल्कि यह जहरीली शराब के कारण होने वाली मौतों का मुख्य कारण बनता है, इसलिए जीरो टॉलरेंस नीति अनिवार्य है।"
तस्करी और नशीले पदार्थों की जब्ती
आबकारी अधिकारियों ने महाराष्ट्र के भीवंडी और हवेली क्षेत्रों से आने वाले शराब के बड़े खेपों को पकड़ा है। इसके अलावा, गोवा से आने वाले वाहनों और कर्नाटक व महाराष्ट्र से आने वाली पर्यटक बसों और ट्रेनों की नियमित जांच शुरू की गई है। शराब के अलावा, विभाग ने narcotics के खिलाफ भी बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें 872 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई है।
| विवरण | जुलाई | अगस्त |
|---|---|---|
| दर्ज मामले | 1,646 | 1,420 |
| जब्त अवैध शराब (लीटर) | 6,074 | 5,010 |
| जब्त गुड़ (किग्रा) | 30,329 | 17,840 |
Frequently Asked Questions
1. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य गैर-शुल्क भुगतान शराब (NDPL) की तस्करी को रोकना और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक अवैध शराब के उत्पादन को समाप्त करना है।
2. किन राज्यों से शराब की तस्करी की जा रही थी?
मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक से शराब तेलंगाना लाई जा रही थी।