प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान ने अपने सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द हाइएस्ट फ्रेंडशिप' से सम्मानित किया है। इस यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने 2030 तक व्यापार को पांच गुना बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

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  • प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द हाइएस्ट फ्रेंडशिप' से नवाजा गया।
  • भारत और उज्बेकिस्तान ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
  • पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए किर्गिस्तान रवाना होंगे, जहां राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात संभव है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मध्य एशिया यात्रा ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया है। उज्बेकिस्तान ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द हाइएस्ट फ्रेंडशिप' से सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल मोदी के व्यक्तिगत नेतृत्व बल्कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे होते रणनीतिक संबंधों का प्रमाण है। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान सरकार का आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के रिश्तों को एक 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के रूप में परिभाषित किया।

ताशकंद में आयोजित इस भव्य समारोह के दौरान, दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और उज्बेकिस्तान 2030 तक अपने आपसी व्यापार को वर्तमान स्तर से पांच गुना अधिक करने का लक्ष्य रखेंगे। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी पर केंद्रित हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that India's strategic pivot toward Central Asia is a calculated move to diversify its energy sources and create a counter-balance in the region. By strengthening ties with Uzbekistan and Kyrgyzstan, India is securing its 'Connect Central Asia' policy, ensuring that the region remains a gateway for trade and security cooperation, especially amidst the volatility in West Asia.

प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में योग फेडरेशन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी भाग लिया और लाल बहादुर शास्त्री स्मारक का दौरा किया, जो भारत और मध्य एशिया के साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।

"This honor is a testament to India's growing role as a stabilizing and economic power in the heart of Eurasia."

उज्बेकिस्तान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान पहुंचेंगे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर कड़े रुख अपनाने और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करने की संभावना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात तय मानी जा रही है। पुतिन के साथ चर्चा में रक्षा सहयोग और ऊर्जा समझौतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स का उद्घाटन है, जिसमें पीएम मोदी शिरकत करेंगे। यह कदम मध्य एशियाई देशों की सांस्कृतिक विरासत के प्रति भारत के सम्मान को प्रदर्शित करता है।

क्या आप जानते हैं?: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय सुरक्षा संगठन है, जिसमें यूरेशिया के अधिकांश हिस्से का प्रतिनिधित्व होता है।

Frequently Asked Questions

1. प्रधानमंत्री मोदी को कौन सा सम्मान मिला?
उज्बेकिस्तान ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द हाइएस्ट फ्रेंडशिप' से सम्मानित किया।

2. भारत और उज्बेकिस्तान का व्यापार लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को पांच गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।