आंध्र प्रदेश सरकार ने एल नीनो के कारण होने वाले संभावित बिजली संकट से निपटने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। विशेष मुख्य सचिव के. विजयानंद ने ग्रिड स्थिरता बनाए रखने के लिए अल्पकालिक बिजली खरीद में तेजी लाने की घोषणा की है।
- एल नीनो के प्रभाव को देखते हुए सितंबर और अक्टूबर के लिए विशेष बिजली आपूर्ति योजना तैयार।
- ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक बिजली खरीद में तेजी लाई गई।
- अगले एक वर्ष की जरूरतों के लिए DEEP टेंडर आमंत्रित किए गए।
- राज्य ने सौर रूफटॉप कनेक्शन में देश भर में चौथा स्थान प्राप्त किया।
आंध्र प्रदेश के विशेष मुख्य सचिव (ऊर्जा) के. विजयानंद ने मंगलवार को विजयवाड़ा स्थित विद्युत सौध में एक समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार एल नीनो की प्रतिकूल मौसम स्थितियों के प्रभाव को कम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। आंध्र प्रदेश पावर कोऑर्डिनेशन कमेटी (APPCC) और डिस्कॉम (DISCOMs) ने सितंबर और अक्टूबर के महीनों के लिए एक व्यापक आपूर्ति योजना तैयार की है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
विजयानंद ने बताया कि थर्मल पावर उत्पादन में हाल ही में कुछ तकनीकी समस्याओं और वार्षिक रखरखाव कार्यों के कारण अस्थायी रूप से कमी देखी गई है। डॉ. नरला टाटा राव थर्मल पावर स्टेशन, रायलसीमा थर्मल पावर प्लांट और विशाखापत्तनम के हिंदुजा पावर प्लांट जैसे प्रमुख केंद्रों में मरम्मत कार्य के चलते अगस्त में औसत उपलब्धता केवल 5,904 मेगावाट रही, जबकि आधार उपलब्धता 8,902 मेगावाट थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एल नीनो का प्रभाव न केवल तापमान बढ़ाता है बल्कि बिजली की मांग में भी भारी उछाल लाता है। यदि ग्रिड प्रबंधन में थोड़ी भी चूक होती है, तो इससे औद्योगिक और घरेलू क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो सकती है। आंध्र प्रदेश की यह सक्रिय रणनीति राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए अल्पकालिक खरीद और सौर ऊर्जा का एकीकरण इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अगले कुछ महीनों के लिए मांग का अनुमान काफी अधिक है। सितंबर में पीक डिमांड लगभग 13,500 मेगावाट और अक्टूबर में 12,000 मेगावाट रहने की उम्मीद है। इस मांग को पूरा करने के लिए, APPCC और डिस्कॉम ने 20 अगस्त को DEEP (Discovery of Efficient Electricity Price) टेंडर आमंत्रित किए हैं, ताकि अगले एक वर्ष के लिए किफायती दरों पर बिजली सुनिश्चित की जा सके।
एक सकारात्मक पहलू यह है कि आंध्र प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 30 अगस्त तक, राज्य ने 4.93 लाख सौर रूफटॉप कनेक्शन स्थापित करके राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। इसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए विशेष मॉडल के तहत 3.01 लाख से अधिक इकाइयां लगाई गई हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एल नीनो एक जलवायु पैटर्न है जो प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव लाता है, जिससे भारत सहित दक्षिण एशिया में मानसून और तापमान के पैटर्न में अनिश्चितता पैदा होती है। इससे गर्मी बढ़ती है और बिजली की मांग में अचानक वृद्धि होती है, जिससे ऊर्जा ग्रिड पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: बिजली की मांग में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: एल नीनो के कारण बढ़ने वाला तापमान और थर्मल पावर स्टेशनों में रखरखाव कार्य मांग और आपूर्ति के बीच अंतर पैदा कर रहे हैं।
प्रश्न 2: सरकार बिजली की कमी को कैसे रोक रही है?
उत्तर: सरकार अल्पकालिक बिजली खरीद, DEEP टेंडर और सौर ऊर्जा के उपयोग के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।