भारत कच्चे तेल, LNG और LPG के भंडारण का विस्तार करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रणनीतिक ईंधन कार्यक्रम पर विचार कर रहा है। हालांकि, केवल भंडारण पर्याप्त नहीं है; वास्तविक सुरक्षा परिवहन नेटवर्क और स्पष्ट नियमों पर निर्भर करेगी।

  • भारत 28 MT कच्चे तेल, 9 MT LNG और 4 MT LPG के नए रणनीतिक भंडार की योजना बना रहा है।
  • वर्तमान में भारत के पास LNG के लिए कोई परिचालन underground स्टोरेज सुविधा नहीं है।
  • लक्ष्य लगभग दो महीने की कच्चे तेल और LNG की मांग और छह सप्ताह की LPG मांग को पूरा करना है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर किया है। हालांकि भारत भारी मात्रा में कच्चा तेल, LNG और LPG आयात करने में सक्षम है, लेकिन संकट के समय इन ईंधनों को स्टोर करने और वितरित करने की क्षमता अलग-अलग है। इसी पृष्ठभूमि में, सरकार एक दशक लंबे रणनीतिक-ईंधन कार्यक्रम पर विचार कर रही है।

वर्तमान भंडारण स्थिति: एक विश्लेषण

भारत की वर्तमान स्थिति ईंधन के प्रकार के अनुसार भिन्न है। कच्चे तेल के लिए, Strategic Petroleum Reserve (SPR) के पहले चरण ने विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में 5.33 MT की क्षमता प्रदान की है। दूसरे चरण के तहत चंडीखोल और पादुर में अतिरिक्त 6.5 MT की मंजूरी दी गई है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और PPP ढांचे के कारण इसमें देरी हो रही है।

LPG के मामले में, विशाखापत्तनम और मंगलुरु के कावर्न्स की कुल क्षमता केवल 0.14 MT है। प्रस्तावित 4 MT का भंडार इस क्षमता में लगभग 30 गुना वृद्धि करेगा। सबसे बड़ी कमी प्राकृतिक गैस में है, जहां भारत के पास वर्तमान में कोई परिचालन भूमिगत गैस भंडारण सुविधा नहीं है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि केवल भौतिक भंडारण क्षमता (Storage Capacity) होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि 'इन्वेंट्री' (Inventory) और 'निकासी दर' (Withdrawal Rate) अधिक महत्वपूर्ण हैं। यदि संकट के समय ईंधन को पाइपलाइनों और जहाजों के माध्यम से तेजी से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचाया गया, तो विशाल भंडार भी बेकार साबित होंगे।

ईंधन प्रकार वर्तमान क्षमता प्रस्तावित लक्ष्य सुरक्षा अवधि (अनुमानित)
कच्चा तेल (Crude) ~5.33 MT +28 MT ~60 दिन
LNG नगण्य (Underground) +9 MT ~60 दिन
LPG 0.14 MT +4 MT ~6 सप्ताह
"ऊर्जा सुरक्षा केवल टैंक भरने के बारे में नहीं है, बल्कि संकट के दौरान आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन (Resilience) सुनिश्चित करने के बारे में है।"

LNG भंडारण की जटिलताएं

LNG को -162°C पर क्रायोजेनिक तरल के रूप में संग्रहीत किया जाता है, जिसके लिए विशेष इंसुलेटेड टैंकों की आवश्यकता होती है। प्रस्तावित 9 MT का भंडार भारत के वार्षिक LNG आयात का लगभग 15-16% होगा, जो इसे लंबे समय तक चलने वाले आपूर्ति व्यवधानों से बचाएगा। भारत सतह पर स्थित LNG टैंकों और खाली हो चुके तेल/गैस जलाशयों (Depleted Reservoirs) के मिश्रण का उपयोग कर सकता है।

क्या आप जानते हैं?: दुनिया के कुल वर्किंग गैस वॉल्यूम का 74% हिस्सा खाली हो चुके तेल और गैस जलाशयों (Depleted Reservoirs) में संग्रहीत किया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) क्या है?
यह सरकार द्वारा बनाए गए विशेष भूमिगत भंडार हैं जिनका उपयोग युद्ध या प्राकृतिक आपदा जैसे आपातकाल के दौरान तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 2: LNG और प्राकृतिक गैस भंडारण में क्या अंतर है?
LNG को अत्यधिक ठंडे तरल के रूप में टैंकों में रखा जाता है, जबकि भूमिगत गैस भंडारण में गैस को वापस जमीन के नीचे जलाशयों में इंजेक्ट किया जाता है।