कर्नाटक के हावेरी जिले में एक सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और नर्स पर मरीजों को जबरन सीवेज साफ करवाने का आरोप लगा है। इस गंभीर लापरवाही के बाद प्रशासन ने दोनों को निलंबित कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- हावेरी जिला अस्पताल के डॉक्टर शंकर वाई हिरेगोडार और नर्स वनिता निलंबित।
- मरीजों को बेहतर इलाज और दवाओं का लालच देकर मानव अपशिष्ट साफ करवाया गया।
- प्रhibition of Employment as Manual Scavengers Act, 2013 के तहत मामला दर्ज।
कर्नाटक के हावेरी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ स्वास्थ्य सेवा के रक्षकों ने ही मानवता को शर्मसार किया है। सवनूर तालुक अस्पताल के एक डॉक्टर और एक वरिष्ठ नर्स को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के परिसर में ओवरफ्लो हो रहे एक सेप्टिक टैंक (cesspit) को साफ करने के लिए दो मरीजों को मजबूर किया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय निवासियों ने मरीजों को बाल्टियों में मानव अपशिष्ट ले जाते हुए देखा और इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच में पता चला कि डॉ. शंकर वाई हिरेगोडार ने 27 अगस्त को नगर पालिका अधिकारियों को पत्र लिखकर टैंक साफ करने का अनुरोध किया था, लेकिन प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने मरीजों को ही इस घिनौने काम में लगा दिया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident is not just a case of administrative failure but a blatant violation of fundamental human rights and the law. Forcing patients—who are in a vulnerable state—to perform manual scavenging in exchange for medical care is a form of systemic exploitation that highlights the deep-rooted caste and class prejudices still prevalent in institutional setups.
"The act of bartering essential healthcare for hazardous manual labor is a criminal breach of medical ethics and a direct violation of the 2013 Manual Scavengers Act."
तहसीलदार रविकुमार नागप्पा कोरवर द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, शिगाँव तालुक के दो ग्रामीण इलाज के लिए अस्पताल आए थे। वरिष्ठ नर्स वनिता ने कथित तौर पर उन्हें शौचालय की समस्या की जांच करने और उसे साफ करने के लिए कहा। मरीजों ने अस्पताल द्वारा प्रदान की गई बाल्टियों का उपयोग करके गंदे नाले की सफाई की।
पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने और Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबन का आदेश दिया है।
Frequently Asked Questions
1. डॉक्टर और नर्स पर कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?
उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और 'मैनुअल स्कैवेंजर्स एंड देयर रिहैबिलिटेशन एक्ट, 2013' के तहत मामला दर्ज किया गया है।
2. यह घटना कहाँ की है?
यह घटना कर्नाटक के हावेरी जिले के सवनूर तालुक अस्पताल की है।