उत्तराखंड से लेकर असम तक, मूसलाधार बारिश ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। भूस्खलन और बाढ़ के कारण अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- उत्तराखंड और असम में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 11 लोगों की मृत्यु हो गई है।
- उत्तराखंड में घर गिरने और कार बह जाने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
- झारखंड और उत्तर प्रदेश में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
- IMD ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भारत के विभिन्न राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड और असम सहित कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 11 लोगों की जान जाने की खबर है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) ने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है।
उत्तराखंड में तबाही का मंजर
उत्तराखंड इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहाँ बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। अल्मोड़ा के हवलबाग ब्लॉक के ओद्युदा गांव में तड़के सुबह एक घर की दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। SDRF की टीमों को मलबे के कारण पैदल ही घटनास्थल तक पहुँचना पड़ा। इसके अलावा, अल्मोड़ा शहर में एक पुराने घर की दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की भी जान चली गई।
देहरादून में स्थिति और भी भयावह रही, जहाँ पौंधा रोड के पास एक कार मूसलाधार पानी के बहाव में बह गई। इस घटना में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला को गंभीर चोटें आई हैं। देहरादून-मसूरी हाईवे पर भी भूस्खलन और चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि हिमालयी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और जलवायु परिवर्तन के कारण भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो मानसून के दौरान जानलेवा साबित हो रही हैं।
मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की बढ़ती तीव्रता यह संकेत देती है कि आपदा प्रबंधन प्रणालियों को और अधिक सुदृढ़ करने की तत्काल आवश्यकता है।
असम में भी स्थिति गंभीर है। गुवाहाटी में दो अलग-अलग भूस्खलन की घटनाओं में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों की मौत हो गई। गुवाहाटी के मथघरिया इलाके में एक घर ढहने से एक दंपत्ति और उनकी 11 वर्षीय बेटी की जान चली गई।
झारखंड और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरा
झारखंड में IMD ने कई जिलों के लिए फ्लैश-फ्लड चेतावनी जारी की है। जमशेदपुर में खरखई और स्वर्णरेखा नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर बह रही है, जिससे प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों का उपयोग करना पड़ा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: उत्तराखंड में किन क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: नैनीताल और अल्मोड़ा में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
प्रश्न 2: असम में बारिश का मुख्य प्रभाव क्या रहा है?
उत्तर: असम में मुख्य रूप से भूस्खलन और शहरी इलाकों में जलभराव (waterlogging) की समस्या देखी गई है।