दक्षिणी रेलवे अथिपट्टु से गुम्मीडीपोंडी के बीच रेल यातायात को सुगम बनाने के लिए तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रहा है। ₹366 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से चेन्नई के उपनगरीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

  • अथिपट्टु से गुम्मीडीपोंडी के बीच 22.5 किमी लंबी तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण होगा।
  • परियोजना की कुल लागत ₹366 करोड़ है और इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
  • इस विस्तार से चेन्नई के उत्तरी उपनगरीय क्षेत्रों में ट्रेनों की आवृत्ति और गति बढ़ेगी।

दक्षिणी रेलवे ने चेन्नई के उत्तरी गलियारे में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अथिपट्टु पुदु नगर से गुम्मीडीपोंडी के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के लिए ठेकेदार का चयन करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मई में जारी किए गए टेंडर के बाद, जल्द ही एक उपयुक्त फर्म को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए नियुक्त किया जाएगा।

यह परियोजना लगभग 22.5 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत ₹366 करोड़ है। अनुबंध मिलने की तिथि से दो वर्षों के भीतर इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य उपनगरीय सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को लाभ होगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं है, बल्कि यह चेन्नई के उत्तरी औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच के अंतर को पाटने का एक प्रयास है। वर्तमान में, केवल दो ट्रैक होने के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों और उपनगरीय ट्रेनों के बीच संघर्ष रहता है, जिससे यात्रियों को भारी देरी का सामना करना पड़ता है।

रेलवे बुनियादी ढांचे में यह निवेश चेन्नई के उपनगरीय नेटवर्क को सुव्यवस्थित करने और यात्री अनुभव को बदलने में गेम-चेंजर साबित होगा।

वर्तमान में, चेन्नई डिवीजन मूरे मार्केट कॉम्प्लेक्स से सुल्लुरपेट्टा तक सेवाएं संचालित करता है, लेकिन अथिपट्टु के बाद केवल दो ट्रैक होने के कारण मिंजुर और गुम्मीडीपोंडी के निवासियों को सीमित सेवाओं का सामना करना पड़ता है। गुम्मीडीपोंडी क्षेत्र में स्थित बड़े औद्योगिक परिसरों के कारण माल ढुलाई और यात्री यातायात दोनों का दबाव अधिक है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गुम्मीडीपोंडी और गुदुर के बीच रेल मार्ग हमेशा से रणनीतिक महत्व का रहा है। हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुम्मीडीपोंडी से गुदुर तक ₹2,229 करोड़ की लागत वाली एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। अथिपट्टु-गुम्मीडीपोंडी विस्तार इसी बड़े नेटवर्क का एक अभिन्न हिस्सा है, जो अंततः आंध्र प्रदेश के सुल्लुरपेट्टा तक उपनगरीय सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Did You Know?: गुम्मीडीपोंडी से चेन्नई शहर तक की यात्रा वर्तमान में केवल दो ट्रैक होने के कारण कम से कम दो घंटे लेती है, जिसे इस प्रोजेक्ट के बाद काफी कम किया जा सकेगा।

Frequently Asked Questions

1. इस परियोजना की कुल लागत कितनी है?
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹366 करोड़ है।

2. इस काम को पूरा होने में कितना समय लगेगा?
ठेकेदार का चयन होने के बाद, इस परियोजना को पूरा करने के लिए दो वर्ष का समय निर्धारित किया गया है।