तिरुपति तिरुपति देवस्थानम (TTD) श्रद्धालुओं के सामान की सुरक्षा और सुविधा के लिए ब्लूटूथ-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने की योजना बना रहा है। इस नई तकनीक से अलीपिरि से तिरुमला तक सामान की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी।

  • ब्लूटूथ लो एनर्जी (BLE) 5.1 तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
  • अलीपिरि से तिरुमला तक सामान की डिजिटल ट्रैकिंग होगी।
  • प्रति घंटा 1,800 बैग संभालने की क्षमता।
  • मोबाइल ऐप और कियोस्क के माध्यम से सामान मंगवाने की सुविधा।

तिरुपति तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक क्रांतिकारी तकनीकी पहल की घोषणा की है। TTD के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी Ch. Venkaiah Chowdary ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक में एक नई तकनीक-आधारित सामान प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की, जो श्रद्धालुओं के सामान की एंड-टू-एंड ट्रैकिंग सुनिश्चित करेगी।

तकनीकी नवाचार: कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

प्रस्तावित प्रणाली में Bluetooth Low Energy (BLE) 5.1 तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत, श्रद्धालुओं के सामान को अलीपिरि (Alipiri) में ही एक विशेष टैग से चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद, निर्धारित वाहनों के माध्यम से इसे तिरुमला ले जाया जाएगा और अंततः गरुड़ नगर कॉम्प्लेक्स (GNC) में सुरक्षित रखा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक बैग की आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

GMR के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह सिस्टम प्रतिदिन लगभग 12,000 बैगों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें व्यस्त समय के दौरान प्रति घंटा लगभग 1,800 बैगों को प्रोसेस करने की क्षमता है।

यह तकनीक न केवल सामान की सुरक्षा बढ़ाएगी बल्कि भीड़ प्रबंधन में भी मील का पत्थर साबित होगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तिरुमला जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर लॉजिस्टिक प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। यह नई प्रणाली न केवल सामान चोरी या गुम होने के जोखिम को कम करती है, बल्कि संग्रह काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों को भी समाप्त करती है। श्रद्धालु GNC से लगभग 100 मीटर की दूरी पर होने पर मोबाइल ऐप या कियोस्क के माध्यम से अपने सामान के लिए अनुरोध कर सकेंगे।

ऐतिहासिक संदर्भ

तिरुपति मंदिर दुनिया के सबसे अमीर और सबसे अधिक देखे जाने वाले धार्मिक स्थलों में से एक है। जैसे-जैसे तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ रही है, TTD पारंपरिक प्रबंधन से हटकर डिजिटल बुनियादी ढांचे की ओर बढ़ रहा है ताकि सुरक्षा और दक्षता के बीच संतुलन बनाया जा सके।

Did You Know?: तिरुमला में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिससे लॉजिस्टिक और भीड़ नियंत्रण एक अत्यंत जटिल कार्य बन जाता है।

Frequently Asked Questions

1. सामान की ट्रैकिंग के लिए कौन सी तकनीक का उपयोग किया जाएगा?
सामान की ट्रैकिंग के लिए Bluetooth Low Energy (BLE) 5.1 तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

2. क्या श्रद्धालु अपना सामान खुद जाकर ले सकते हैं?
हाँ, श्रद्धालु काउंटर से सीधे सामान ले सकते हैं या ऐप के माध्यम से पहले से अनुरोध कर सकते हैं।