आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर ने रेड क्रॉस की वार्षिक आम बैठक में सात जिला कलेक्टरों को उनके मानवतावादी कार्यों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने सभी कॉलेजों में यूथ रेड क्रॉस इकाइयां स्थापित करने का भी आह्वान किया।
- राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर ने सात जिलों के कलेक्टरों को रेड क्रॉस पुरस्कार प्रदान किए।
- 'मी इंटिकी मी डॉक्टर' परियोजना के तहत 5 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल रहा है।
- राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों में 'यूथ रेड क्रॉस' इकाइयां बनाने का निर्देश दिया।
- ड्रग-फ्री आंध्र प्रदेश और जलवायु कार्रवाई अभियानों पर जोर दिया गया।
विशाखापत्तनम के तुम्मालपल्ली कलाक्षेत्रम में आयोजित भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (IRCS) की वार्षिक आम बैठक 2024-25 के दौरान एक गरिमामय समारोह संपन्न हुआ। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और IRCS राज्य शाखा के अध्यक्ष एस. अब्दुल नज़ीर ने मानवता की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बापटला, कृष्णा, नेल्लोर, काकीनाडा, पश्चिम गोदावरी, नंदीयाल और श्रीकाकुलम जिलों के जिला कलेक्टरों को रेड क्रॉस पुरस्कारों से सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कलेक्टरों द्वारा रेड क्रॉस की मानवीय गतिविधियों के लिए संसाधन जुटाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सीएसआर (CSR) के माध्यम से धन जुटाने से जरूरतमंदों को बड़े पैमाने पर लाभ मिल रहा है। समारोह के दौरान, राज्यपाल ने रेड क्रॉस द्वारा विभिन्न संस्थाओं के साथ किए गए सफल सहयोग पर भी प्रकाश डाला।
प्रमुख स्वास्थ्य और सामाजिक पहल
राज्यपाल ने बताया कि रेड क्रॉस ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफलता हासिल की है:
- संकल्प फाउंडेशन: थैलेसीमिया रोगियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना।
- LN4 टेंगेंस ऑर्गनाइजेशन: जरूरतमंदों को कृत्रिम हाथ (Prosthetic hands) उपलब्ध कराना।
- एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट: कॉर्निया संग्रह के लिए सहयोग।
- EAGLE समूह: युवाओं को नशा मुक्त करने के लिए जागरूकता अभियान।
इसके अलावा, ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के सहयोग से 'मी इंटिकी मी डॉक्टर' परियोजना के तहत ₹8.50 करोड़ के बजट के साथ सात जिलों में 5 लाख परिवारों को कवर किया जा रहा है। यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे लोगों के घरों तक पहुँचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रेड क्रॉस की ये पहलें केवल चिकित्सा सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। राज्यपाल का जोर शैक्षणिक संस्थानों में रेड क्रॉस को शामिल करने पर है, जो भविष्य की पीढ़ी को सामाजिक जिम्मेदारी सिखाएगा।
युवाओं की भूमिका 'विकसित भारत' और 'स्वर्ण आंध्र @2047' के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कुलपतिों से आग्रह किया कि वे सभी कॉलेजों में यूथ रेड क्रॉस इकाइयां स्थापित करें और इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं। उन्होंने जिला कलेक्टरों से इस कार्यक्रम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया ताकि यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सके।
Frequently Asked Questions
1. किन जिलों के कलेक्टरों को सम्मानित किया गया?
बापटला, कृष्णा, नेल्लोर, काकीनाडा, पश्चिम गोदावरी, नंदीयाल और श्रीकाकुलम के कलेक्टरों को सम्मानित किया गया।
2. 'मी इंटिकी मी डॉक्टर' परियोजना क्या है?
यह एक स्वास्थ्य सेवा परियोजना है जो सात जिलों के 5 लाख परिवारों को घर पर ही चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है।