मुंबई का नया ₹248 करोड़ का मृणालताई गोरे फ्लाईओवर अपनी अत्यधिक चिकनी सतह के कारण विवादों में है। मात्र तीन महीनों के भीतर, यह फ्लाईओवर बाइकर्स के लिए फिसलने और गिरने का कारण बन गया है।

  • ₹248 करोड़ की लागत से बना मृणालताई गोरे फ्लाईओवर मात्र 90 दिनों में विवादों में आया।
  • अत्यधिक चिकनी 'मैस्टिक डामर' (Mastic Asphalt) सतह के कारण बाइकर्स फिसल रहे हैं।
  • विशेषज्ञों ने सतह के अत्यधिक चिकने होने और 'ब्लीडिंग' की समस्या की ओर इशारा किया है।

मुंबई के यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाया गया मृणालताई गोरे फ्लाईओवर (Mrinaltai Gore Flyover) अब यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। 6 जून को उद्घाटन के बाद से, यह फ्लाईओवर तीन बार सुर्खियों में आ चुका है। पहले यह गड्ढों के कारण चर्चा में था, लेकिन अब इसकी 'अत्यधिक चिकनी' सतह के कारण बाइकर्स के फिसलने की खबरें आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे दोपहिया वाहन चालक फ्लाईओवर के मोड़ (विशेषकर रिलीफ रोड की ओर जाने वाले मोड़) पर नियंत्रण खो रहे हैं। सड़क की सतह इतनी चिकनी हो गई है कि गीले मौसम में यह कांच की तरह फिसलने वाली हो जाती है।

क्यों यह मामला गंभीर है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह समस्या केवल पुराने सड़कों के घिसने की नहीं है, बल्कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और उसके व्यवहार से जुड़ी है। परिवहन योजनाकार विवेक पाई के अनुसार, मुंबई की सड़कों पर अक्सर 'पॉलिश्ड एग्रीगेट' (Polished Aggregate) की समस्या देखी जाती है, जहाँ भारी यातायात और मौसम के कारण सड़क के खुरदरे पत्थर चिकने हो जाते हैं।

सड़कों की चिकनी सतह टायर और सड़क के बीच घर्षण (friction) को कम कर देती है, जो मोड़ पर दोपहिया वाहनों के लिए जानलेवा हो सकता है।

मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। यहाँ मैस्टिक डामर (Mastic Asphalt) का उपयोग किया गया है। हालांकि BMC का दावा है कि घर्षण बढ़ाने के लिए इस पर पत्थर की चिपिंग (stone chippings) डाली गई है, लेकिन यात्रियों का अनुभव इसके ठीक उलट है। विशेषज्ञों का मानना है कि मैस्टिक की सतह बहुत अधिक चिकनी हो रही है और कुछ हिस्सों में 'पैचiness' (असमानता) भी देखी गई है।

बिटुमेन का खेल: 'ब्लीडिंग' की समस्या

एक अन्य तकनीकी कारण 'ब्लीडिंग' (Bleeding) हो सकता है। डामर (Bitumen), जो पत्थरों को आपस में जोड़ता है, यदि अत्यधिक मात्रा में सतह पर आ जाए, तो वह सड़क को काला, चमकदार और अत्यधिक फिसलन भरा बना देता है। यह स्थिति नए फ्लाईओवर में भी देखी जा रही है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।

Did You Know?: सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 'एग्रीगेट' (Aggregate) वह मुख्य सामग्री है जो टायर को पकड़ (grip) प्रदान करती है।

Frequently Asked Questions

1. मृणालताई गोरे फ्लाईओवर क्यों फिसलन भरा है?
इसका मुख्य कारण मैस्टिक डामर की अत्यधिक चिकनी सतह और संभवतः बिटुमेन का सतह पर आ जाना (bleeding) है।

2. क्या यह समस्या केवल बारिश में होती है?
हाँ, गीली स्थिति में सड़क की चिकनाहट और भी बढ़ जाती है, जिससे टायर का घर्षण लगभग समाप्त हो जाता है।